ललितपुर। जनपद के ग्रामीणों इलाकों में पाइप पेयजल आपूर्ति के लिए जल निगम द्वारा कई पेयजल योजनाओं पर काम किया जा रहा है। ऐसी ही एक योजना डोंगरा कला ग्राम समूह पेयजल योजना करीबन पूर्ण हो चुकी है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की बानगी देखिए योजना के लिए जरूरी पाइपों से ज्यादा पाइप ठेकेदार को आवंटित कर दिए गए।
पाइप लाइन बिछाने के बाद करीब 40 लाख रुपये के पाइप बेकार हो गए। ग्राम कलौथरा के सजनाम बांध से डोंगराकलां गांव तक के बीच में सड़क के किनारे पाइप पड़े हुए हैं। कई पाइपों को ग्रामीणों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया, तो कई पेयजल योजना के पाइप नाली बनाने में उपयोग किया जा रहा है। 200 डाया के 244 पाइप व 300 डाया के 56 पाइप क्षतिग्रस्त या ग्रामीणों द्वारा अपने उपयोग में ले लिए गए हैं। इससे जल निगम को 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो किसी भी योजना पर काम शुरू होने से पहले ही उसमें लगने वाली सामग्री का स्टीमेट तैयार करा लिया जाता है। इसके बावजूद डोंगरा कला ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत लाखों रुपये के अतिरिक्त पाइप ठेकेदार को आवंटित कर दिए गए। काम पूर्ण होने के बाद विभाग या ठेकेदार द्वारा सुरक्षित तरीके से पाइपों को वापिस विभाग के स्टोर में जमा नहीं कराया। सड़कों पर पड़े होने के कारण लोगों ने इनको क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं कई पाइपों को ग्रामीण अपने घरेलू उपयोग के लिए उठा ले गए हैं।
स्टोर नहीं साइड पर पहुंचे पाइप
जल निगम की लापरवाही देखिए की केंद्रीय स्टोर से ट्रक में आने वाले पाइपों को विभागीय स्टोर में मंगाने के बजाय सीधे कार्यस्थल पर ही पहुंचा दिया गया। कार्यस्थल पर ट्रक पहुंचने के बाद वहां जरूरत से ज्यादा पाइप उतार लिए गए। निजी कंपनी अपना काम पूरा करने के बाद पाइपों को असुरक्षित छोड़कर ही चली गई और विभागीय अधिकारियों ने इनकी सुध नहीं ली। जितने पाइप विभागीय लापरवाही के चलते खराब हुए हैं, उतने पाइपों से कम से कम क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जा सकती थी।
कहां दिखाएंगे उपयोग
40 पाइप के नष्ट होने के बाद जल निगम का विभागीय स्टोर इन्हें कहां पर उपयोग में दिखाएगा यह बड़ा सवाल है। विभागीय स्टोर से निकलने वाले हर सामान का उपयोग किसी योजना या कार्य में दिखाया जाता है। 40 लाख रुपये के पाइप नष्ट हो गए, अब विभाग के सामने इन पाइपों का समायोजन करना बड़ी चुनौती रहेगी।
तत्कालीन जेई द्वारा स्टोर के बजाय सीधे कार्यस्थल पर ट्रक से पाइपों को उतरवा दिया गया था। जिस कारण से वहां पर ज्यादा मात्रा में पाइप पहुंच गए हैं। जल्द ही सारे पाइपों को उठवा लिया जाएगा और स्टोर में जमा करा दिया जाएगा।
- नीलेश भदौरिया, अवर अभियंता व स्टोर इंचार्ज