शहर में अधिकतर जगहों पर अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। इससे जहां एक ओर नगर पालिका को राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं, बेतरतीब लगे होर्डिग्स के फ्रेम से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। शहर के पॉस इलाके डीएम आवास, कलेक्ट्रेट व पुलिस लाइन के आसपास भी अवैध रूप से होर्डिंग टांग दिए गए हैं। जिसकी ओर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर में नगर पालिका को शुल्क अदा करने पर होर्डिग्स लगाने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा नगर पालिका ने भी कई जगह मानक विहीन होर्डिंग लगा देने से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। नगर क्षेत्र के सावरकर चौक, घंटाघर, तहसील तिराहा, तुवन चौराहा, तालाबपुरा रोड, वर्णी चौराहा, कलेक्ट्रेट चौराहा, जेल चौराहा, जेल तिराहा, स्टेशन तिराहा, सदनशाह चौराहा व बस स्टैंड के अलावा डीएम और एसपी आवास के आसपास भी अवैध रूप से होर्डिंग टांग दिए हैं। शहर में लगे पेड़ व बिजली के खंभे प्रचार का सहारा बने हुए है।
नगर पालिका ने भी कई जगह मानक के विपरीत सड़कों पर फ्रेम लगा दिए है। जो रात के अंधेरे में दुर्घटनाओं को दावत देते रहते हैं। सत्ताधारी दल के नेताओं के अधिकतर होर्डिंग होने के कारण अधिकारी भी इन्हें हटाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। दस दिन पहले नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने अवैध रूप से लगे होर्डिग्स को चिंह्ति कर हटाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।
नगर पालिका से एक भी होर्डिंग के लिए ठेका नहीं हुआ है। होर्डिंग लगाने वाली एजेंसियों को नोटिस भेजकर होर्र्डिग्स की सूची मांगी गई है। जल्द ही शहर में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, ललितुपर