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रंगों और पिचकारियों के गुलजार बाजार

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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। होली को सिर्फ दो दिन शेष रह गए हैं। शहर हुरियारों के रंग में रंगा नजर आ रहा है। घंटाघर व कटरा बाजार में रंगों व पिचकारियों का बाजार सज गया है। दुकानों पर खरीदारी की भीड़ आने लगी है। बाजार में इस बार देशी रंगों व गुलाल की मांग अधिक हो रही है।  
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होली हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम व भाइचारे का संदेश देता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसमें लोग आपस में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर व गले मिलकर खुशियां मनाते हैं। इस दिन सभी आपस में अपनी बुराइयों को गुलाल लगाकर मिटा लेते हैं। पर्व के नजदीक आते ही रंगों और पिचकारियों के बाजार सज गए है। बाजार में देशी पिचकारियों की मांग अधिक हो रही है। लेकिन, बाजार में रसायनिक रंगों की भी भरमार है। बाजार में होली के रंगों के साथ-साथ खानपान की चीजों में भी रसायनिक रंगों का खूब प्रयोग किया जा रहा है। जो शरीर में बीमारियों के साथ चेहरे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में चिकित्सक रसायनिक रंगों से होली खेलने के प्रति सचेत कर रहे हैं। पहले होली प्राकृतिक रंगों से खेली जाती थी, लेकिन अब आधुनिकता के बदलते दौर में इसकी जगह रसायनिक रंगों ने ले ली है। वर्तमान में शहर के बाजारों में बिक रहे होली के रंग या गुलाल में ऑक्साइड ग्लास पार्टिकल्स, अभ्रक चूर्ण और एनीलिन आदि हानिकारक पदार्थ मिले होते हैं, जो त्वचा, नाखूनों व मुंह से शरीर में प्रवेश कर अंदरुनी हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं।

होली खेलने से पहले करें यह उपाय
- होली खेलने से पहले चेहरे, शरीर और बालों में ऑयली क्रीम व तेल लगा लें।
- अच्छे ब्रांड के रंगों की खरीददारी करें। क्योंकि, सस्ते रंग नुकसान कर सकते हैं।
- रंगों को पहले पानी में घोल लें।
- चेहरे पर रगड़ने के लिए जबरदस्ती न करें।
- रंगों को छुड़ाने के लिए चेहरे को अधिक न मलें।
- रंग को छुड़ाने के लिए कपड़ो के साबुन का प्रयोग न करें।

होली को लेकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान रखना चाहिए। रसायनिक रंगों के प्रयोग से खुजली हो सकती है। इसके साथ ही त्वचा पर दाने व जलन हो सकती है। ऐसे में लोगों को प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करना चाहिए। होली खेलने के लिए गुलाल सबसे बेहतर रंग है।
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- डॉ. मुकेश सेठ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल

रंगों से आंखों को बचाना आवश्यक है। आंखों में रंग पड़ने से कार्नियां खराब होने की संभावना होती है। सावधानी न बरतने पर आंखों में जलन व धुधंला दिखाई देने की शिकायत हो सकती है।
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- डॉ. एलबी गुप्ता, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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