संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शासन द्वारा भले ही यातायात व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन परिवहन विभाग की उदासीनता के चलते धरातल पर नहीं उतर पा रही है। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में पांच माह से 19 बसों के संचालन की फाइल दबी हुई है। स्थिति यह है कि जिला परिवहन समिति की बैठक तक नहीं कराई गई है। यही कारण है कि गांव-गांव तक बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
जनपद मुख्यालय से गांव-गांव तक यातायात की सुविधा के लिए परिवहन निगम का रोडवेज डिपो बनकर तैयार हो गया है। अधिकारियों ने बसों के संचालन के लिए रूट तैयार कर लिया है। परिवहन निगम ने 19 रोडवेज बसों के संचालन के लिए परिवहन विभाग में परमिट के लिए आवेदन किया था। पांच माह बीतने के बाद भी परमिट की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। जिला परिवहन समिति की बैठक न होने से रोडवेज बसों को परमिट नहीं मिल पा रहे हैं।
रोडवेज बसों के संचालन के लिए परमिट की खातिर आवेदन किया था, दो बार रिमाइंडर भी भेज दिए हैं। इसके बाद भी जिला परिवहन समिति की बैठक नहीं हो सकी। इससे बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
-संतोष कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, झांसी
वर्जन
जिला परिवहन समिति का चयन नहीं हो सका है। इससे बैठक नहीं हो पा रही है। चयन होने के बाद बैठक कराकर रोडवेज को परमिट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
-लिली चौधरी, यात्रीकर अधिकारी