ललितपुर। पेंशन योजना (पूर्व नाम समाजवादी पेंशन योजना) के पात्रों की जांच के लिए कराए जा रहे सत्यापन कार्य में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। लागौन न्याय पंचायत की रिपोर्ट में 102 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। प्रशासन ने तत्काल इनकी पेंशन पर रोक लगा दी है। इसके अलावा अन्य न्याय पंचायतों और ग्राम पंचायतों में अपात्रों को लाभ दिए जाने का खुलासा हो रहा है।
पिछले शासन काल में शुरू की गई समाजवादी पेंशन योजना के अंतर्गत जनपद में 48 न्याय पंचायतों के तहत 77 हजार 752 लोगों को लाभ दिया जा रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के आवेदकों की पात्रता के लिए कई बिंदु तय किए गए हैं। आए दिन समाजवादी पेंशन योजना में विभिन्न न्याय पंचायतों के ग्रामीणों द्वारा अपात्रों का लाभान्वित करने की शिकायतें आ रही हैं। इसके चलते तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने पात्रों के सत्यापन कराने का आदेश दिया था। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को न्याय पंचायत वार नामित किया गया था। ग्रामीण क्षेत्र में लाभार्थियों के स्थलीय सत्यापन कार्य ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा कराया जा रहा है। वहीं, शहरी क्षेत्र में सत्यापन वार्डवार नामित जिला स्तरीय अधिकारियों व आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों से कराया जा रहा है। अभी तक पांच न्याय पंचायत लागौन, गिदवाहा, सिमरधा, मसौराखुर्द, खितवांस में पेंशन योजना के सत्यापन का सर्वे पूरा हो गया है। बाकी 43 न्याय पंचायतों में सत्यापन किया जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार लागौन न्याय पंचायत की रिपोर्ट में 102 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इनको सूची से हटाकर पेंशन रोक दी गई है। अन्य न्याय पंचायतों में भी इसी तरह अपात्र पाए जा रहे हैं।
अपात्रों से होगी रिकवरी
पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए लोगों ने बड़े जतन किए हैं। कई लोगों ने अलग-अलग जगह का निवास दिखाकर योजना का लाभ लिया है। सर्वे रिपोर्ट में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ऐसा कर लाभ लेने वाले कुछ लोगों से समाज कल्याण विभाग ने धनराशि की रिकवरी की है। वहीं, अपात्र पाए जा रहे लोगों से भी रिकवरी की जाएगी। हालांकि, अभी तक इसके आदेश नहीं आए हैं।
ये होते हैं अपात्र
पेंशन योजना का कोई आवेदक यदि विधवा, विकलांग, वृद्धावस्था पेंशन का लाभ पा रहा है तो वह अपात्र की श्रेणी में है। इसके अलावा यदि परिवार के स्वामित्व में 25 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया से अधिक पक्का आवास है, परिवार में किसी भी प्रकार का मोटर वाहन, जीप, कार, थ्री-व्हीलर, स्कूटर, बाइक है, कोई सदस्य सरकारी गैर सरकारी, एनजीओ, निजी संगठन में नियमित वेतनभोगी कर्मचारी हो या फिर अर्द्धसरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हो या जिन्हें अन्य पेंशन की सुविधा प्राप्त हो, वे अपात्र हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में उक्त शर्तों के अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए परिवार में एक हेक्टेयर सिंचित या दो हेक्टेयर असिंचित भूमि है तो वे आवेदक अपात्रों की श्रेणी में आते हैं।
30 मई तक पूरा होगा सत्यापन
समाजवादी पेंशन का नाम बदलकर अब मुख्यमंत्री पेंशन योजना कर दिया गया है। इस योजना के लाभार्थियों के सत्यापन का निर्देश तत्कालीन जिलाधिकारी ने चार मई को था। सत्यापन कार्य शहरी क्षेत्र के अलावा 48 ग्राम न्याय पंचायतों के अंतर्गत कराया जा रहा है। यह कार्य 30 मई तक पूरा कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी है। अभी लागौन न्याय पंचायत की रिपोर्ट आई है।
- श्रवण कुमार गुुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी।