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Lalitpur News: 15,840 की जगह 1,112 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से किया भुगतान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। अतिवृष्टि से नष्ट खरीफ की फसलों का व्यक्तिगत दावा करने वाले किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत भुगतान में भारी गड़बड़ी की गई है। जिला प्रशासन ने इसकी जांच के लिए टीम गठित करने को प्रमुख सचिव कृषि को पत्र लिखा है।
जिलाधिकारी ने लिखे पत्र में बताया कि 2024-25 के सितंबर में उड़द की फसल में जल भराव से भारी क्षति हुई थी। डीडी कृषि ने 13 सितंबर को कृषि अनुभाग लखनऊ को पत्राचार करके प्रभावित बीमित कृषकों को 25 प्रतिशत तात्कालिक सहायता देने का आग्रह किया था। लेकिन, बीमा कंपनी ने तकनीकी आधार पर भुगतान करने से मना कर दिया था। जबकि ऐसी ही परिस्थिति में कई जनपदों को उनके यहां कार्यरत बीमा कंपनियों से तात्कालिक अग्रिम 25 प्रतिशत भुगतान प्राप्त हुआ।
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वहीं, बीमा कंपनी आश्वासन देती रही कि समस्त व्यक्तिगत आवेदनों को पुष्टि के आधार पर क्लेम देय होगा, लेकिन स्थानीय कर्मियों ने कंपनियों के व्यक्तिगत क्लेम के ऑनलाइन आवेदन दर्ज कराने में कोई मदद नहीं की। बल्कि, आवेदनों की संख्या सीमित करने का प्रयास किया गया। फसल बीमा के टोल फ्री नंबर पर कोई कॉल नहीं लगती थी।
कृषि विभाग के प्रयास से कुल बीमित एक लाख सोलह हजार कृषकों के मुकाबले 68,100 कृषकों की पीएम फसल बीमा एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई। लंबे इंतजार के बाद दिसंबर में बीमा कंपनी ने प्रथम लाट में 36,036 कृषकों को 4.04 करोड़ की व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति का भुगतान किया, जो प्रति किसान औसत 1,112 रुपये है। जबकि, उड़द की फसल में औसतन नुकसान 40 से 70 प्रतिशत तक हुआ था। नुकसान के अनुपात में उड़द की फसल में कुल बीमित धनराशि 26,400 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 15,840 रुपये क्षतिपूर्ति होनी चाहिए।
पत्र में बताया कि कुल 36,036 कृषकों ने 33,800 हेक्टेयर में उड़द की खेती थी, जिसमें 53.65 करोड़ का भुगतान होना था। बीमा कंपनी ने व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति के भुगतान का जो आंकड़ा दर्शाया है, उससे प्रभावित कृषकों को अधिकतम 7.64 करोड़ रुपये का ही व्यक्तिगत भुगतान होगा, जबकि न्यूनतम 101.39 करोड़ होना चाहिए।
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फसल क्षति की गाटा वार रिपोर्ट नहीं दी : बीमा कंपनी ने फसल के नुकसान की रिपोर्ट गाटा वार नहीं दी, इससे कृषकों को क्षतिपूर्ति के रूप में मिलने वाली बीमा धनराशि का स्पष्ट अनुमान नहीं लगाया जा सका।
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खरीफ की नष्ट फसल के व्यक्तिगत क्लेम के भुगतान में बीमा कंपनी द्वारा गड़बड़ी की जांच एवं पुन: सर्वे के लिए प्रमुख सचिव कृषि को पत्राचार किया गया था। शासन स्तर से कोई जवाब नहीं आया, अब पुन: पत्राचार किया जा रहा है।-अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी।
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