संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला चिकित्सालय में इकलौते नेत्र सर्जन के स्थानांतरण होने से नेत्र रोगियों के सामने संकट आ गया है। शनिवार को आए मरीज ओपीडी बंद देख इधर-उधर चिकित्सकों को खोजते रहे। न मिलने पर मायूस होकर बिना इलाज के ही वापस हो गए।
जिला अस्पताल में लंबे समय से इकलाैते नेत्र सर्जन डॉ. आरपी राजपूत सेवाएं दे रहे थे। मरीजों को तीन दिन ओपीडी व तीन दिन ऑपरेशन थियेटर में सुविधाएं मिल रही थीं। वह सीएमओ कार्यालय के अधीन थे, उन्हें जिला अस्पताल में अटैच किया गया था। बीते दिनों शासन ने डॉ. आरपी राजपूत का स्थानांतरण औरया के लिए कर दिया। सीएमओ ने शासन के निर्देश पर नेत्र सर्जन डॉ. आरपी राजपूत को रिलीव कर दिया। जिला अस्पताल में शनिवार को नेत्र रोगियों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ा।
सुबह से पंजीकरण के लिए कतार में जूझे। आधे घंटे लाइन में लगकर इंतजार किया। पर्चा बनने के बाद जब मरीज ओपीडी में पहुंचे तो कक्ष को बंद देख खुलने के इंतजार में बैठ गए। अधिक देर होने पर चिकित्सक के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कुछ मरीज दोपहर दो बजे तक चिकित्सक न मिलने के बाद बिना इलाज के ही वापस हो गए।
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फोटो- 02
कैप्सन- ओमप्रकाश मोदी
ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण होना है, इसके लिए आंखों की जांच कराने जिला अस्पताल आया था, यहां जांच तो हो गई, लेकिन चिकित्सक नहीं मिल सके।
- ओमप्रकाश मोदी
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कैप्सन- रामदुलारी
आंखों से बहुत कम दिखाई दे रहा है। जांच तो करा ली, लेकिन चिकित्सक न मिलने से आगे उपचार की सुविधा नहीं मिल पाई है। अब समस्या गंभीर हो गई है।
- रामदुलारी
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कैप्सन- शुभम
दादी को आंखों में अधिक समस्या है। जिला अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिले। अब निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ेगा।
- शुभम
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अस्पताल में नेत्र सर्जन सीनियर रेजीडेंट हैं। तबीयत खराब होने से ओपीडी में नहीं बैठ सके। स्वस्थ होने पर ओपीडी में नियमित रूप से सेवाएं देंगे।
-डॉ. द्विजेंद्र नाथ, प्राचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय