संवाद न्यूज एजेंसी
बिरधा (ललितपुर)। ब्लॉक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए भेजी गई लाखों की मशीनें महीनों से डिब्बे में बंद हैं। इस कारण प्रतिदिन करीब 30 मरीज अल्ट्रासाउंड तो आठ से दस मरीज डिजिटल एक्सरे कराने के लिए जिला मुख्यालय आ रहे हैं। वहीं, करीब सात लाख की लागत से लगा हेल्थ एटीएम शोपीस बना है। परिसर में लगे हैंडपंप के प्लेटफार्म पर गंदा पानी भरा होने से दुर्गंध के कारण लोग पानी पीने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। यह हाल तब है, जब हैंडपंप के दूषित पानी पीने से कई जगहों पर डायरिया फैल चुका है। इसके बाद भी अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। पेश है सीएचसी का आंखों देखा हाल...।
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धूल फांक रही हेल्थ एटीएम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को कतार में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए हेल्थ एटीएम स्थापित किए थे, लेकिन अब तक इसमें जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। मरीजों को जांच रिपोर्ट लेने के लिए दूसरे दिन आना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के लिए रोल नहीं आया है। इस कारण हेल्थ एटीएम नहीं चल पा रहा।
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पानी की टंकी और आसपास फैली गंदगी
अस्पताल में पानी की टंकी तो बना दी, लेकिन उसके आसपास फैली गंदगी साफ नहीं कराई जाती, इससे टंकी का पानी पीने से लोग करता रहे हैं। परिसर में लगे हैंडपंप के आसपास भी सफाई नहीं कराई गई, जिससे यहां भी दुर्गंध उठ रही है।
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ओपीडी में नहीं बैठ रहे चिकित्सक
सीएचसी पर छह चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन शुक्रवार दोपहर में एक बजे महज दो ही चिकित्सक नजर आए। इनमें एक चिकित्सक इमरजेंसी में सेवाएं दे रहे थे तो दूसरे चिकित्सक ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। दो ओपीडी में डॉक्टर की कुर्सी खाली पड़ी थी। मरीज इधर-उधर भटक रहे थे।
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अस्पताल में प्रतिदिन पहुंच रहे 200 मरीज
सीएचसी पर प्रतिदिन 180 से 200 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इनमें सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार के हैं। वायरल का प्रकोप बना हुआ है।