गौशाला में मुनि सुप्रभ सागर महाराज आनलाइन शिविर में
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ललितपुर। श्रावकों ने करोना महामारी के प्रकोप के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के मध्य घरों में रहकर व्रत नियम के साथ रविवार को उत्तम क्षमा व पूजन कर आत्मशुद्धि का महापर्व पर्युषण मनाया। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने मंदिरों में पहुंच कर दर्शन किए और वहां विराजमान साधु संतों का आशीर्वाद लिया।
क्षेत्रपाल मंदिर परिसर में विराजमान आचार्य आर्जव सागर महाराज एवं संघस्थ साधुओं के सानिध्य में तत्वार्थ सूत्र का वाचन नरेन्द्र शास्त्री एवं सुनील शास्त्री ने किया। अर्घ्य समर्पण रामप्रकाश संजीव जैन द्वारा किए गए। जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने आचार्य को श्रीफल अर्पित कर आशीष लिया। इस मौके पर आचार्य ने क्षमा धर्म को श्रेष्ठ बताते हुए कहा क्रोध पर आपके जीवन में नियंत्रण होना चाहिए। मध्याह्न में आचार्य ने संघस्थ मुनि महान सागर, मुनि भाग्य सागर, मुनि महत्त सागर, मुनि विलोक सागर, मुनि विबोध सागर, मुनि विदित सागर, मुनि विभोर सागर महाराज को तत्वार्थ सूत्र का अर्थसहित वाचन कर अध्यायों की महत्ता को बताया। दयोदय पशु संरक्षण केंद्र गोशाला में विराजमान शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के प्रभावक श्रमण मुनि सुप्रभ सागर एवं प्रणत सागर जी महाराज के सानिध्य में 10 दिवसीय ऑनलाइन समय सारोपासक साधना शिविर का शुभारंभ हुआ। जिसमें मुनि सुप्रभ सागर ने ऑनलाइन प्रवचनों में क्रोध को अग्नि की उपमा देते हुये उसे शांत करने के लिए क्षमा जल ही समर्थ बताया। नगर गौरव मुनि प्रणत सागर ने उत्तमक्षमा की शक्तियों को अतुल्नीय बताते हुये क्षमा भाव को आत्मा का धर्म बताया। आदिनाथ मंदिर नईबस्ती में विराजमान आचार्य विराग सागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि विनिश्चल सागर महाराज ने श्रावकों को उत्तम क्षमा धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। बाहुबली नगर में विराजमान आचार्य आर्जव सागर महाराज की प्रभावक शिष्या आर्यिका प्रतिभामति और आर्यिका सुयोगमति माताजी उत्तम क्षमा धर्म को श्रेयस्कर बताया उन्होंने कहा क्रोध अज्ञानता से शुरू होता है और पश्चाताप पर जाकर खत्म होता है। जैन पंचायत के महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया ने सभी से निवेदन किया कि वह घरों पर रहकर ही संयम साधना और पूजन विधान कर आत्म साधना के पर्व को मनाए।