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वाहन पार्किंग सुविधा बगैर अधूरा है सड़क सुरक्षा सप्ताह

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सड़क सुरक्षा सप्ताह: इन पर भी ध्यान दीजिए ‘सरकार’
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ललितपुर। शहर के प्रमुख रास्तों व बाजारों में जगह-जगह दो पहिया व चार पहिया वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान इन वाहनों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण यातायात व्यवस्था सुधरने की जगह बिगड़ती रही है। सड़क पर बेतरतीब तरीके से गाड़ियां खड़ी होने से अक्सर जाम लग जाता है। गलियों में दो पहिया वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने व पालन कराने के लिए परिवहन व पुलिस विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसमें वाहनों के चलाने के लिए तमाम नियमों की जानकारी दी जा रही है। बिना कागज या मानक के अधिक सवारियां बैठाने पर वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन, शहर में पार्किंग स्थल के अभाव में अधिकांश चौराहों व गलियों में खड़े बेतरतीब वाहन सड़क सुरक्षा सप्ताह को मुंह चिढ़ा रहे हैं। हालत यह है कि शहर में पार्किंग की सुविधा मुहैया नहीं हो पाई है। यहां अधिकांश वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क के किनारे ही खड़ा कर बाजार में निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति दिन भर रहती है।
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बाजार के लिए ग्रामीण व शहर क्षेत्र के लोग आते हैं। बाजार में दो पहिया वाहन व चार पहिया वाहन नहीं पहुंचने पर वाहनों को खड़ा करने के लिए इधर-उधर देखते हैं। जगह नहीं मिलने पर सड़क पर ही खड़ा करके बाजारों में निकल जाते है। ऐसा बाजार आने वाले अधिकांश लोग करते हैं, जिससे चौराहों से वाहनों को निकालना मुश्किल हो जाता है। इतना ही नहीं दो पहिया वाहन से पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
यहां खड़े होते हैं अधिकांश वाहन
शहर के आजाद चौक, प्लाजा मार्केट के आसपास खड़े दुपहिया वाहन देखकर सहज ही स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। घंटाघर से महावीरपुरा की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क पर दुपहिया वाहन पार्क रहते हैं। थोड़ा सा आगे चलने पर एक होटल के पास सड़क पर अनेक दुपहिया वाहन आए दिन खड़े नजर आते हैं। महावीर प्याऊ के पास आड़े तिरछे वाहन खड़े होते हैं। कटरा बाजार में सोने और चांदी की दुकानों के पास दुपहिया वाहनों की कतार देखी जा सकती है। यही स्थिति नझाई बाजार की है। जल संस्थान कार्यालय के आसपास वाहनों को देखा जा सकता है। शाम होते ही घंटाघर के आसपास दुपहिया वाहन खड़े होने प्रारंभ हो जाते हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा सप्ताह महज औपचारिकता साबित हो रहा है।
अधिकांश वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क व रास्ते में ही खड़ा कर देते हैं। इससे दुकानों पर ग्राहक के पहुंचने में भी परेशानी होती है। साथ ही आम लोगों को आवागमन में अधिक समय बर्बाद करना पड़ता है। वाहनों को खड़ा करने की अलग व्यवस्था की जाए।
-अंकुर जैन
शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात विभाग को सख्त रुख अपनाना पड़ेगा। सड़क किनारे व रास्ते में खड़े आड़े-तिरछे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिससे आम लोगों को आवागम में सुविधा मिल सके।
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- अंकित जैन
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शहर में अपने वाहनों को सड़क किनारे व रास्तों में खड़े करने का मामला संज्ञान में आया है, इनकी जांच कर चालकों को वाहन खड़ा करने से मना किया जाएगा। मौक पर पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- नासिर अली
सहायक यातायात प्रभारी
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