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Lalitpur News: तेंदुए के आतंक से जहाजपुर में दहशत, एक माह में 14 पशुओं को बनाया शिकार

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- वन विभाग ने तेंदुआ के शिकार करने की बात को किया खारिज
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संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन-ललितपुर। जनपद के जंगलों में तेंदुआ मौजूद हैं, जो भोजन की तलाश में गांव का रुख कर लेते हैं। ग्राम जहाजपुर में इन दिनों तेंदुआ आए दिन गांव में आकर गायों का शिकार कर रहा है। अभी तक एक दर्जन से अधिक गायों का शिकार हो चुका है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। हालांकि वन विभाग ने तेंदुआ के द्वारा शिकार करने की बात को जांच के बाद सिरे से नकार दिया है।
ललितपुर रेंज अंतर्गत ग्राम जहाजपुर में करीब एक माह से तेंदुआ पालतू पशुओं का शिकार कर रहा है। ग्रामीण कई बार इसकी सूचना वन विभाग को दे चुके हैं। लेकिन वन विभाग सिर्फ गांव में आकर यहां वहां घूमकर ग्रामीणों को पालतू जानवर घर के अंदर बांधने की सलाह देकर चले जाते हैं। तो वहीं गांव में लगातार हो रही शिकार की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों की रातों की नींद गायब हो गई है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तत्काल में पशु डॉक्टरों की टीम को बुलाकर पोस्टमार्टम करवाया। रेंजर भोला सिंह ने बताया कि तेंदुआ किसी ने नहीं देखा, उससे मिलता जुलता जानवर चरखरा भी हो सकता है, जल्द ही इसका पता चल जाएगा। उन्होंने कहा रात में वन विभाग की टीम ग्रामीणों की मदद से गश्त करेगी। जिससे सही जानकारी जुटाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को सचेत कर दिया है। साथ ही गांव के बाहर में झुंड में जाने की सलाह दी गई है। साथ ही खेतों में झुककर काम करने के लिए मना किया है।
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फोटो- 17
मेरे पास दस गाएं थी, एक आखरी गाय बची थी, उसे भी बृहस्पतिवार की रात को तेंदुआ ने शिकार कर मार डाला। सुबह उसके चिल्लाने की आवाज से उठा था, बाहर देखा तो तेंदुआ भागता हुआ दिखाई दिया।
बाला सहरिया, गामीण।

फोटो- 18
मेरी एक गाय को हाल ही में शिकार किया गया है, हालांकि तेंदुआ को शिकार करते देेखा नहीं है। लेकिन जंगलों में तेंदुआ है, अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका शिकार तेंदुआ ने किया है।
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किशन ग्रामीण।

फोटो- 19
एक महीने पहले तीन गाय का शिकार हुआ था, जिसकी सूचना वन विभाग को दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, तेंदुआ गांव में शिकार के लिए लपक गया है।
संतोष ग्रामीण
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गाय का पोस्टमार्टम कराया है, उसमें तेंदुआ के शिकार करने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि गांव में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। रेंजर ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन कोई पद चिह्न भी दिखाई नहीं दिए हैं।
डॉ शिरीन सिद्दकी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
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