डेढ़ माह पूर्व एक ही ई-वे बिल पर कई बार लाया गया गुटका पानी वाला नारियल बताकर इलाइट चौराहा स्थित एक गोदाम में छिपाकर रखा गया था। जिसकी पुष्टि वाणिज्यकर अधिकारियों की छापामार कार्रवाई के बाद हुई। बताया जाता है कि मध्य प्रदेश के भोपाल, चंदेरी, अशोक नगर से होते हुए गुुटका का कारोबार काफी लंबे समय से चल रहा है।
टैक्स चोरी के साथ मिलावटी गुटका का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। पिछले कई वर्षों से शहर में इस प्रकार की गतिविधियां होने पर वाणिज्यकर और खाद्य विभाग द्वारा शहर व तहसील क्षेत्रों में कई जगह यह कारोबार पकड़ा है। डेढ़ माह पहले 12 मई की रात में मसौरा बैरियर के पास छापामार कार्रवाई में झांसी से आई ज्वाइंट कमिश्नर की टीम ने एक ट्रक में एक ब्रांडेड कंपनी का गुटका एक ही प्रपत्र पर दो बार लाए जाने के मामले में जब्त किया था। इसके बाद 14 मई को वाणिज्यकर विभाग झांसी की टीम ने स्थानीय अधिकारियों की मदद से इलाइट चौराहा पर भी छापामार कार्रवाई की थी और उक्त प्रपत्र पर ही 12 मई को लाया गया माल बरामद किया था। इसके बाद वाणिज्यकर विभाग ने उक्त एजेंसी संचालक को नोटिस देकर उक्त माल के संबंध में जवाब तलब किया था, एजेंसी स्वामी द्वारा 12 मई को कर मुक्त पानी वाला नारियल मंगाना बताया था।
जबकि टीम द्वारा, जो गुटका गोदाम से बरामद किया गया था, इसके संबंध में उक्त स्वामी द्वारा कोई भी प्रपत्र नहीं दिखाए जा सके थे। जांच टीम ने इसकी सत्यता जांचने के लिए भोपाल सेल टैक्स के अधिकारियों की मदद से भोपाल स्थित पान मसाला फैक्ट्री, सर्वश्री श्याम ट्रांसपोर्ट, कंपनी भोपाल, संदीप रोड लाइंस भोपाल, वाहन स्वामी, वाहन चालक, नारियल विक्रेता फर्म सोना ट्रेडर्स भोपाल, नारियल क्रेता फर्म सौरभ किराना स्टोर मुंगावली, कुरवाई टोल प्लाजा, सुखी टोल प्लाजा व करारिया टोल प्लाजा, ललितपुर व चंदेरी में रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा व नाकों के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों की रिकॉर्डिंग की गई, जिसमें 12 मई और 13 मई को एक ही प्रपत्र पर दो बार उक्त पान मसाला, (जो प्रत्येक बार करीब पचास लाख रुपये का था) मंगाया जाना पाया गया। डिप्टी कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि उक्त एक कंपनी का गुटका एक ही प्रपत्र पर लाकर गोदाम में उतरते हुए पकड़ा गया था।
इस मामले में कैलगुवां रोड स्थित विराज एजेंसी स्वामी राजेंद्र जैन द्वारा उक्त मामले में हाईकोर्ट इलाहाबाद में भी अपील की थी, लेकिन उन्हें हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिल सकी है। जिसके बाद एक ही प्रपत्र पर दो बार माल लाए जाने के मामले में उक्त विराज एजेंसी पर 48 लाख 42 हजार 640 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अवैध रूप से बिना ई-वे बिल या फिर एक ही ई-वे बिल पर दो या अधिक बार माल मंगाने के मामले में छापामार कार्रवाई की जाएगी। एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-1 झांसी लाखन सिंह ने वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि इस प्रकार की कर चोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।