ललितपुर। थाना पाली परिसर स्थित कमरे में लेकर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के साथ थानेदार द्वारा दुष्कर्म कांड की गूंज लखनऊ से दिल्ली तक हुई थी। इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खडे़ कर दिए थे। मामला बेटी बचाओ आंदोलन संस्था द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया गया। अब इस मामले के 13 आरोपियों में थानाध्यक्ष समेत छह आरोपी जेल में निरुद्ध हैं । जबकि सात को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। तीन मई 2022 को थाना पाली परिसर के एक कमरे में 13 वर्षीय किशोरी से थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज ने दुष्कर्म किया था। पीड़िता सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। मामले में थानाध्यक्ष समेत आरोपी चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया एवं पीड़िता की मौसी के खिलाफ तीन मई को थाना पाली में ही धारा 363, 376बी, 120बी, 3/4 पॉक्सो एक्ट एवं एससीएसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। मामला जब बढ़ा तो शासन ने मामले में एसआईटी का गठन करते हुए पूरी जांच डीआईजी झांसी जोगेंद्र सिंह को सौंपी थी और एडीजी भानुभाष्कर ने थाने के 29 कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया था।
इसके बाद एसओजी टीम ने पांच मई को आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से और अन्य पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने तीन माह बाद अगस्त में जेल भेजे जा चुके छह आरोपियों समेत कुल तेरह आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में प्रकाश में आए आरोपी अशोक सोनी, हरीराम सोनी, रामनरेश एवं सिपाही सुनील कुमार के खिलाफ एसआईटी ने धारा 212, 16/17, एवं 19/21 के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किए। इसमें राजभान अहिरवार के खिलाफ धारा 363, 366, 368 एवं 109 और आरोपी महेंद्र चौरसिया के खिलाफ धारा 368, 120 बी एवं एससीएसटी एक्ट में न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए थे। जबकि इसमें आरोपी ज्ञानबाई, धर्मेंद्र अहिरवार एवं महेंद्र अहिरवार के खिलाफ धारा 368 के तहत आरोप पत्र पेश किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है। वहीं बचपन बचाओं आंदोलन संस्था द्वारा किशोरी से थाने में थानेदार द्वारा ही दुष्कर्म के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिसमें डीएम एसपी को तलब किया जा चुका है।
इस मामले में अब तक तत्कालीन थानाध्यक्ष पाली तिलकधारी सरोज, महेंद्र, चंदन, हरीशंकर, गुलाबरानी व राजभान अहिरवार जिला कारागार में निरुद्घ चल रहे हैं। जबकि अन्य आरोपियों में धर्मेंद्र अहिरवार, ज्ञानबाई, अशोक सोनी, हरीराम, रामनरेश,सिपाही सुनील कुमार एवं महेंद्र को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
अखिलेश पहुंचे थे ललितपुर
किशोरी से दुष्कर्म का मामला लखनऊ व दिल्ली तक गूंजा और रिपोर्ट दर्ज होने के दूसरे दिन ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चार मई को पीड़िता से मिलने के लिए ललितपुर पहुंचे थे। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी ट्वीट कर घटना को शर्मनाक बताया था।