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अस्पताल में गर्मी और गंदगी से मरीजों का बुरा हाल

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में पड़ी गंदगी - फोटो : LALITPUR
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महरौनी। केंद्र और राज्य सरकार कोरोना को लेकर मुस्तैद है, सोशल डिस्टेंस एवं सैनिटाइज करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रशासन कोरोना को लेकर गंभीर नहीं है। अस्पताल परिसर के पर्दे, बेड सीटों की कई - कई दिनों तक धुलाई नहीं होती है। खिड़की और जाली को साफ नहीं किया जा रहा है। भीषण गर्मी में भी जनरेटर नहीं चलाया जा रहा है, जिससे प्रसूताओं और नवजात को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सैकड़ों मरीज आते हैं। प्रसव के लिए भी महिलाएं प्रतिदिन आती हैं। उनके उपयोग में आने वाले बेड सीट कई दिनों तक नहीं बदले जाते हैं। कोरोना के बचाव के लिए अस्पतालों के पर्दे, गेट, बेड सीटों की नियमित सफाई होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। मरीजों की सहूलियत के लिए 24 घंटे बिजली देने का भी प्रावधान है, इसके लिए जनरेटर हैं। लाइट जाने के बाद जनरेटर चालू कर बिजली आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन जनरेटर चालू नहीं किया जाता है। इससे नवजात और उनकी माताओं को परेशानी होती है।
रात्रि में बिजली जाने से महिला और पुरुष वार्ड में पंखे और बल्ब बंद रहने से भीषण गर्मी और अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं। मच्छरों के काटने से जच्चा - बच्चा का बुरा हाल है। वहीं, गर्भवती महिला शिया पत्नी निरन निवासी दरौनी शुक्रवार को अस्पताल आई थी। प्रसव के बाद रात में बिजली गुल होने से नवजात का बुरा हाल हो गया।
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यहां पर किसी को सैनिटाइजर और मास्क नहीं दिए जा रहे हैं। जब मैने फार्मासिस्ट से बात की, तो उन्होंने कहा कि यहां पर एक ट्रक भी मास्क आ जाएं तो भी पूर्ति नहीं होगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली जाने के बाद जनरेटर नहीं चलाया जाता है, जिससे मरीज व तीमारदारों को गर्मी व अंधेरे में रहना होता है। - रामविलास खरे, एडवोकेट
हम बृहस्पतिवार को अस्पताल प्रसव के लिए आए। उसी दिन लड़का हुआ है। लेकिन, लाइट चली जाती है, तो बहुत गर्मी लगती है। - शारदा पत्नी विनोद, ग्राम खटोरा
ंशुक्रवार को आए है, लड़की हुई है। लाइट चले जाने पर पंखे बंद हो जाते हैं। मुझे और मेरी बच्ची को बहुत गर्मी लगती है। रात में लाइट चली जाने पर मेरी सास हवा कर बच्ची को मच्छरों से बचाती है। - रेखा पत्नी अजय, ग्राम पडवां
मैं अपनी बहू का प्रसव कराने आई हूं। सुबह से ही चार बार लाइट जा चुकी है। लाइट जाते ही पंखे बंद हो जाते हैं। कोई सुविधा नहीं है। गर्मी से बुरा हाल है। - ममता, तीमारदार ग्राम पडवां
बहू को लेकर आई हूं। गर्मी में मेरी बहू व नवजात बच्चों का बुरा हाल है। हम तो लाइट जाने के बाद कमरे से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन बहू और बच्चा कहां जाएं। - सुगर, ग्राम खटोरा तीमारदार
बिजली जाने के तुरंत बाद जनरेटर चालू किए जाने की व्यवस्था है। लेकिन, लाइट जाने के 10 से 15 मिनट के बाद जनरेटर चलाया जाता है। हर रूम में सफाई कर्मी रहता है। जो साफ - सफाई पर ध्यान देता है। गेट और खिड़की की रोज सफाई होती है। लॉकडाउन के चलते दो सप्ताह से धोबी नहीं आया है। इस कारण बेडसीट साफ नहीं हो पाईं और उन्हीं का उपयोग हो रहा है। - डॉ. राजेश वर्मा, स्वास्थ्य अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी
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