ललितपुर। इमारती पत्थर की खदानों के लिए प्रसिद्ध ग्राम धौर्रा में पीएसी वाहिनी की स्थापना की जा रही है। इससे जिले में सुरक्षा का ढांचा तो मजबूत होगा ही, साथ ही क्षेत्र का विकास भी हो सकेगा। रविवार को आईजी कानपुर पीएसी के दल ने बटालियन के लिए प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया।
जिले के थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम धौर्रा में पीएसी वाहिनी की स्थापना की जा रही है, जिसके लिए 100 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। आईजी कानपुर पीएसी भोलानाथ सिंह ने रविवार को बटालियन के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान बटालियन स्थल के साथ ही मार्ग आदि के निर्माण की विस्तृत जानकारियां लीं। मौजूदा समय में जनपद में पीएसी वाहिनी की स्थापना नहीं होने से पीएसी कंपनियां पुलिस लाइंस स्थित अस्थाई कैंपों में रहती हैं, जिनको मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पातीं।
इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी प्रभाकर चौधरी ने धौर्रा में पीएसी बटालियन की स्थापना के लिए पहल की। पीएसी वाहिनी की स्थापना से जिले में सुरक्षात्मक ढांचा तो मजबूत होगा ही, साथ ही धौर्रा क्षेत्र का विकास भी होगा। पीएसी वाहिनी में एक हजार अधिकारी और कर्मचारी रहते हैं। इसमें आठ कंपनियां होती हैं, प्रत्येक कंपनी में 100 जवान और अधिकारी रहते हैं। पीएसी बटालियन बनने से कंपनी कमांडर, प्लाटून कमांडर, हेड, कमांडर और फालोअर आदि कर्मचारी परिवार सहित निवास कर सकेंगे। बड़ी संख्या में पीएसी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रहने से आसपास के क्षेत्र में बाजार भी विकसित हो सकेंगे। रविवार को पीएसी के आईजी ने दल ने सभी पहलुओं का अध्ययन किया। उनके साथ डिप्टी कमांडर दयानंद मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह, जाखलौन थानाध्यक्ष विवेक सिंह आदि पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
मालूम हो कि अभी निकटवर्ती झांसी जनपद में 33वीं वाहिनी पीएसी बटालियन की स्थापना है। विभागीय अफसरों का कहना है कि जनपद में स्थापित होने वाली पीएसी बटालियन को नया क्रमांक दिया जाएगा।
हाइवे निर्माण भी होगा
पीएसी वाहिनी की स्थापना को दृष्टिगत रखते हुए धौर्रा क्षेत्र में हाइवे निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे सीमावर्ती मध्य प्रदेश के जिला सागर व विदिशा से जनपद में यातायात व्यवस्था भी सुगम हो सकेगी।