ललितपुर। निर्देशों के बाद भी जिले में शत प्रतिशत विद्यालयों में दूध का वितरण नहीं हो पा रहा है। गत दिवस जिले के 1,560 विद्यालयों में से 1,422 विद्यालयों में ही दूध का वितरण किया जा सका है।
स्कूली बच्चों को हष्टपुष्ट बनाने के मकसद से प्रत्येक बुधवार को दूध का वितरण किया जाता है। शासन इस मामले में गंभीर बना है। पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग में शासन के सचिव ने शत-प्रतिशत विद्यालयों में दूध का वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद भी बुधवार को 91.95 प्रतिशत विद्यालयों में ही दूध का वितरण हो सका। इससे पहले 17 फरवरी को 90.45 प्रतिशत, 10 फरवरी को 90.51 प्रतिशत और तीन फरवरी को 90.38 प्रतिशत विद्यालयों में दूध का वितरण हुआ था। इससे स्पष्ट है कि कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापक दूध वितरण में रुचि नहीं ले रहे हैं।
बीएसए के निरीक्षण में भी यह बात सामने आ चुकी है। कई प्रधानाध्यापक गांव में दूध नहीं होने की बात कह रहे हैं। इस पर बीएसए एसपी यादव ने अन्य जगहों से दूध का इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके दूध वितरण के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही है।
यह है ब्लाकवार स्थिति
ब्लाक बार में 201, बिरधा में 253, जखौरा में 259, मड़ावरा में 208, महरौनी में 213, तालबेहट में 255 और नगर में 33 विद्यालयों में दूध का वितरण किया गया है।
दो माह से नहीं बटा एमडीएम
ब्लाक तालबेहट अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय रमेशपुरा में दो माह से मध्याह्न भोजन का वितरण नहीं हुआ है, जिसकी शिकायत एक ग्रामीण ने टोल फ्री नंबर 18004190102 पर की है। जिस पर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के सहायक उप निदेशक एमपी सिंह कुशवाहा ने बीएसए को जांच के लिए निर्देशित किया है।