संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मनरेगा के तहत विकास कार्य तो खूब कराए गए, लेकिन सौ दिन का रोजगार मजदूरों को नहीं मिल सका। पिछले वित्तीय वर्ष में महज 11,256 जॉबकार्ड धारकों को ही सौ दिन का रोजगार मिल पाया। ऐसे में मनरेगा से रोजगार मिलने की आस टूट रही है।
यहां कुल 415 ग्राम पंचायतों में 1,76,499 जाॅब कार्डधारक हैं, जिसमें 1,47,486 सक्रिय हैं। मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारकों को सौ दिन का रोजगार दिया जाता है। शासन से निर्धारित 230 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी उनके खाते में भेजी जाती है। ग्राम पंचायतें मनरेगा जॉब कार्डधारक को काम देने के लिए मस्टरोल जारी करती हैं। इसके बाद इन मजदूरों को काम दिया जाता है, जोकि कच्चा-पक्का होता है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में 46,95,290 मानव दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें करीब 45,56,246 मानव दिवस सृजित किए गए। लेकिन, 11,256 मजदूरों को ही सौ दिन का रोजगार दिया गया।
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वित्तीय वर्ष 2022-23 में सौ दिन का रोजगार पाने वालों की ब्लॉक वार सूची
ब्लॉक - संख्या
बार - 1885
बिरधा - 1529
जखौरा - 1625
मड़ावरा - 3442
महरौनी - 1436
तालबेहट - 1339
1,35,164 के सापेक्ष 1,35,144 को मांगने पर मिला काम
मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारकों को मांगने पर काम दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1,35,164 जॉब कार्डधारकों ने काम मांगा था, जिसमें 1,35,144 को मांगने पर काम दिया गया। इस प्रकार सिर्फ 20 मजदूरों को ही मांगने पर काम नहीं मिल सका।
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जाॅब कार्डधारकों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन, कई मजदूर कुछ दिन काम करने के बाद नहीं आते या खेती किसानी में जुट जाते हैं। नए वित्तीय वर्ष में ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को सौ दिन का रोजगार देने के निर्देश ग्राम पंचायत स्तर पर दिए गए हैं।
रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा