झांसी। नगर निकाय चुनाव के लिए जनवरी महीने में प्रस्तावित आरक्षण में झांसी के 13 निकायों में 10 निकाय की सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित कर दी गईं थी। इस आरक्षण पर काफी विवाद भी हुआ लेकिन, सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की लेकिन, अब आरक्षण के नए फार्मूले के चलते इन सीटों में बदलाव की उम्मीद है। उम्मीद की जा रही कि इनमें से न्यूनतम तीन सीट ओबीसी वर्ग को आरक्षित हो सकती हैं।
नगर निगम के महापौर की सीट अब तक दो बार अनुसूचित जाति को आरक्षित हो गई। अबकी तीसरी बार भी यह सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित कर दी गई। पिछड़ा वर्ग के लिए यह सीट कभी आरक्षित नहीं हुई। महापौर सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित किए जाने से तमाम राजनीतिक दिग्गजों को गहरा झटका लगा। अंदरखाने में इसका विरोध भी हुआ लेकिन, सरकार ने फैसला नहीं पलटा। इसी तरह नगर पालिका परिषद अध्यक्ष की छह सीटों में मऊरानीपुर, गुरसराय, समथर एवं सात नगर पंचायत अध्यक्ष सीट में छह सीटें मोंठ, एरच, रानीपुर, कटेरा,
गरौठा, टोड़ी फतेहपुर भी अनुसूचित जाति को आरक्षित हो गई। एक साथ तेरह सीटों के आरक्षित होने से विवाद शुरू हो गया था लेकिन, अब इसमें बदलाव की उम्मीद है। निगम अफसरों का कहना है कि नए फार्मूले के चलते इन सीटों में बदलाव होगा।