वर्तमान में किसानों की फसल कटाई का काम चल रहा है, जबकि 50 फीसदी से अधिक किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी हुई है। ऐसे में अभी फसल मंडी भी नहीं पहुंच सकी है और क्रय केंद्रों पर भी एक अप्रैल से खरीद शुरू होनी है, ऐसे में नलकूप संयोजनों पर लागू की गई एक मुश्त समाधान योजना का लाभ किसानों को मिलना मुश्किल ही लग रहा है। इसके चलते अब किसान संगठनों द्वारा ऊर्जा मंत्री से किसान हित में मई के माह तक ओटीएस बढ़ाने की मांग की गई है।
जनपद में वर्तमान में 5400 किसान उपभोक्ताओं द्वारा नलकूप संयोजन लेकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं और इन पर लाखों रुपये बकाया चल रहा है। एक-एक किसान पर लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक का भी बकाया चल रहा है। ऐसे में बड़े बकाएदारों को सरचार्ज में छूूट देकर किसानों को राहत पहुंचाने के लिए शासन द्वारा इस बार घरेलू और किसान उपभोक्ताओं के लिए एक मुश्त समाधान योजना लागू की गई है।
लेकिन यह योजना ऐसे समय तक लागू की गई है, जबकि अभी तक किसानों की फसलें खेतों में खड़ी है और बहुत से किसानों की खेतों में फसल कट रही है, लेकिन अभी तक मंडी नहीं पहुंच सकी है। अभी न तो किसान मंडी ही पहुंच पा रहा है और न ही अभी तक क्रय केंद्र ही खोले जा सके हैं। तो ऐसे में किसानों को शासन की किसान हित में लागू की गई इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ कैसे मिले। इसके लिए कई किसान संगठनों द्वारा शासन से किसान हित में उक्त योजना को किसानों की फसल मंडी व क्रय केंद्रों की खरीद होने तक यानि मई माह तक बढ़ाए जाने की मांग की है।
यह है योजना
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा घरेलू व किसान उपभोक्ताओं के लिए सरचार्ज माफी की एक मुश्त समाधान योजना लागू की गई है, जिसमें 31 मार्च तक सरचार्ज छोड़कर तीस फीसदी राशि जमा करके पंजीकरण कराने पर जनवरी माह तक का सरचार्ज सौ फीसदी माफ कर दिया जाएगा और 31 मार्च तक ही पंजीकरण की बकाया राशि का भी पूर्ण भुगतान करना होगा, तभी ओटीएस योजना का लाभ मिल सकेगा।
किसानों को योजना का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए बिजली नलकूप संयोजनों पर सरकार को यह योजना कम से कम 30 अप्रैल तक बढ़ाई जाना जरूरी है, तभी किसान इस योजना में ओटीएस का पंजीकरण और बकाया राशि का भुगतान कर सकेगा। अभी किसानों द्वारा फसलों की कटाई शुरू हुई है, जो अप्रैल माह के अंत तक चलेगी।
- बाबूलाल दुबे, अध्यक्ष प्रगतिशील किसान जन मोर्चा।
सरकार द्वारा गेहूं क्रय केंद्र एक अप्रैल से शुरू किए जाने हैं, जबकि अभी तक किसान फसलों की कटाई में जुटा हुआ है। ऐसे में विद्युत ट्यूबवेल कनेक्शनों पर लागू की गई ओटीएस योजना को किसानों के लिए कम से कम कई माह के अंत तक बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को पूूर्ण व सही लाभ मिल सके।
- रंजीत यादव, अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।