उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा शासन के निर्देशानुसार नलकूप संयोजनों पर बिलों पर किसानों को राहत देने के लिए ओटीएस यानी एक मुश्त समाधान योजना दो दिसंबर से लागूू कर दी गई है। इसमें इस बार ओटीएस के पंजीकरण की राशि बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी है। योजना में लाभ के लिए 31 दिसंबर तक पंजीकरण होंगे, जबकि 15 जनवरी तक योजना के बिल जमा कराए जा सकेंगे।
शासन द्वारा इस बार ओटीएस योजना का लाभ सिर्फ नलकूप संयोधनधारी उपभोक्ताओं को ही मिल सकेगा। गत वर्षों तक उक्त योजना के तहत घरेलू, कॉमर्शियल व नलकूप संयोधारी उपभोक्ताओं के लिए ओटीएस योजना का लाभ दिया जाता रहा है। लेकिन इस बार नोटबंदी के ठीक बाद प्रदेश शासन द्वारा किसानों को नलकूप कनेक्शनों के विद्युत बिलों में सरचार्ज में छूट के लिए ओटीएस योजना दिसंबर के शुरुआत में ही लागू कर दी गई है। जानकारों के अनुसार प्रदेश में विधान सभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने के बाद उक्त योजना को लागू नहीं किया जा सकता था। इसी के चलते प्रदेश शासन द्वारा उक्त ओटीएस दिसंबर के शुरुआत में ही लागू कर दी गई है, ताकि इसका लाभ आगामी विधान सभा चुनाव में भी मिल सके।
प्रदेश शासन के निर्देश पर दो दिसंबर यानी शुक्रवार की देर शाम को विद्युत अधिकारियों को उसी दिन से नलकूप संयोजनों के बिलों में छूट के लिए ओटीएस लागू करने के आदेश मिले। आदेशों के क्रम में बताया गया कि नलकूप संयोजनों के बिलों के भुगतान में एक मुश्त समाधान योजना के लाभ के लिए उपभोक्ताओं को इस बार 2500 रुपये की रसीद कटवाकर पंजीकरण कराना होगा। तभी उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सकेगा। पहले गत वर्षों में ओटीएस योजना में लाभ के लिए पंजीकरण की यह राशि एक हजार रुपये हुआ करती थी।
हालांकि यह राशि विभाग द्वारा बिल के भुगतान में समायोजित कर दी जाएगी। उक्त योजना के लिए नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ता ओटीएस का लाभ लेने के लिए पंजीकरण 31 दिसंबर तक कराना होगा, जबकि उक्त योजना के तहत बिलों का भुगतान 15 जनवरी तक किया जा सकेगा। हालांकि किसानों के लिए योजना काफी लाभकारी रहेगी, लेकिन वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिलने से मायूसी है। बता दें कि जनपद में 3540 नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं पर 25 करोड़ 78 लाख, सात हजार नौ रुपए वर्तमान में बकाया चल रहा है।
फसल बुवाई के समय ओटीएस से नहीं मिलेगा किसानों को लाभ
नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं से बिजली बिलों के भुगतान के लिए लागू की गई उक्त योजना का लाभ अधिकांश किसानों को नहीं मिल सकेगा। इस समय रबी की फसल की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में किसान नलकूप संयोजनों का बिल भुगतान करने को तैयार नहीं है। इसकी मुख्य वजह नोटबंदी से किसानों की खरीफ की फसलों का भुगतान ही मंडी बंद होने से फंसा हुआ है। जबकि कई किसानों द्वारा कर्जा लेकर फसलों की बुवाई की गई है। ऐसे में किसानों को उक्त योजना का लाभ सही तरीके से नहीं मिल सकेगा। यदि शासन द्वारा रबी की फसल मंडी में पहुंचने तक उक्त ओटीएस योजना बढ़ा दी जाती है, तभी किसानों को योजना का सही लाभ मिल सकेगा।