ललितपुर। आठ वर्ष पहले मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ क्षेत्र में चार पहिया वाहन पलटने से एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम की अदालत ने बीमा कंपनी को मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये बीमा राशि देने के आदेश दिए।
तालबेहट क्षेत्र के ग्राम राजपुर निवासी राजकुमारी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम की अदालत में दायर परिवाद में बताया कि 18 अप्रैल को उसके पति तिलक सिंह स्कॉर्पियो से मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के थाना लिधौरा में शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में वाहन पलट गया था। उक्त स्कॉर्पियो में बैठे उसके पति तिलक सिंह व अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। तिलक सिंह की झांसी में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस मामले में टीकमगढ़ के थाना लिधौरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसके पति की गांव में कृषि आराजी थी, जिससे परिवार का भरण पोषण होता था। उसने मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी में आवेदन किया। लेकिन, बीमा कंपनी के शाखा प्रबंधक ने उसके पति को नशे में होना बताकर आवेदन निरस्त कर दिया था। जबकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक किसी प्रकार से नशे में होना नहीं पाया गया था।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष सीताराम वर्मा एवं सदस्य ओमप्रकाश वर्मा व रफिया खातून की अदालत ने बीमा कंपनी को पीड़िता को पांच लाख रुपये की धनराशि परिवाद की तारीख से सात फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया।