संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रबी फसल की बोआई से पहले पलेवा के लिए सोमवार से नहरों का संचालन शुरू हो गया है। किसानों के खेतों में पानी पहुंचने लगा है और वह पलेवा करने में जुट गए हैं।
यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। साथ में बेतवा नदी पर जाखलौन पंप कैनाल है। बांधों से करीब 245 नहरें संचालित होती हैं। करीब 1170 किलोमीटर लंबी नहरें अलग-अलग क्षेत्रों में हैं। इन नहरों के जरिये किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। करीब 96,099 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। रबी के सीजन में नहर संचालन के लिए रोस्टर तैयार किया जाता है। टेल तक पानी पहुंचने की जानकारी भी शामिल रहती है। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों से संचालित होने वाली नहरों का संचालन शुरू हो गया है।
फैक्ट फाइल
- 351015 हेक्टेयर कुल कृषि योग्य भूमि
- 278614 हेक्टेयर कुल सिंचित भूमि
- 96099 हेक्टेयर नहर से सिंचाई
- 74035 निजी नलकूप
- 81561 कुआं से सिंचाई
- 26919 तालाबों से सिंचाई
रबी का सीजन महत्वपूर्ण : यहां के किसान सालभर में दो फसलों की बोआई करते हैं। मुख्य खेती रबी के सीजन में करते हैं, जिसमें चना, मटर, मसूर, गेहूं, सरसों की बोआई शामिल है।