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पचास में से सिर्फ चार व्यापारियों ने खोली मंडी में दुकानें

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गल्ला मंडी में मटर की खरीद करते व्यापारी - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। गल्ला मंडी प्रशासन द्वारा किसानों को उपज बेचने के लिए मंडी खोलने की रणनीति धरी की धरी रह गई। बृहस्पतिवार को 50 व्यापारियों में से मात्र चार व्यापारियों ने ही अपनी दुकान खोलीं। शेष दुकानें बंद रही। मंडी खुलने की सूचना पर किसान अपनी उपज लेकर मंडी में पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
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वैश्विक बीमारी नोवल कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। एक स्थान पर अधिक भीड़ न हो, इसके लिए दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों को बंद किया गया है। इसी के चलते गल्ला मंडी को भी बंद कर दिया गया था। वर्तमान में लगभग 44 दिनों से गल्ला मंडी बंद चल रही है। ऐसे में किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। आवश्यकता के चलते कुछ व्यापारी व अन्य लोग किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर माटी मोल उपज को खरीद रहे हैं। साथ ही अनाज की बिक्री नहीं होने से किसानों के कई कार्य पूरी तरह से ठप है, जबकि किसानों के पास जीविका एक मात्र सहारा खेती है।
मंडी प्रशासन ने व्यापारियों के साथ बैठक करके रोस्टर के अनुसार गल्ला मंडी को खोलने के निर्देश दिए थे, जिसमें सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए एक दिन में केवल 50 व्यापारियों को दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी। रोस्टर के हिसाब से आज गेंहू खरीद के लिए 50 दुकानें खोली जानी थीं, लेकिन मंडी में पचास व्यापारियों के सापेक्ष मात्र चार व्यापारी ही दुकान खोले थे। दुकानों पर दो-दो ट्रैक्टरों खड़े थे। हालांकि खुली हुईं दुकानों में सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा था। अन्य दुुकानें पूरी तरह से बंद पड़ी रहीं है। इससे किसानों को उपज बेचना मुश्किल पड़ गया। साथ ही मंडी प्रशासन के आदेशों की अवहेलना हो रही है।
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मंडी प्रशासन व व्यापारियों की तनातनी में किसान परेशान हो रहा है। स्थिति यह है मंडी प्रशासन मंडी को खोलने के लिए सूची बनाकर निर्देश दे रहे हैं, लेकिन अब तक न तो गल्ला मंडी पूरी तरह से खोली जा सकी और न ही नियमों का पालन किया जा सका है। व्यापारियों का कहना है कि सभी व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति दी जाए, जिससे मंडी का नियमित संचालन हो सके। हालां,कि मंडी प्रशासन कई बार मंडी खोलने के निर्देश दे चुका है। लेकिन, एक माह बीतने के बाद भी व्यापारियों और मंडी प्रशासन में सहमति नहीं बन सकी है। व्यापारियों और मंडी प्रशासन की तनातनी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
गल्ला मंडी में सभी व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति दी जाए, जिससे किसानों को उपज बेचने के लिए परेशान न होना पड़े।
- भरत पुरोहित, सभासद
मंडी खुलने पर व्यापारी भी सामाजिक दूरी का पालन कराएंगे। इसके लिए दुकानों पर दो से अधिक ट्रैक्टरों को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। - संजय गुप्ता
गल्ला मंडी में भीड़ को रोकने के लिए मंडी प्रशासन को गार्ड नियुक्त करें, जो मंडी में खाली वाहनों को खाली स्थानों पर खड़ा कराएंगे। - चक्रेश कुमार जैन
वाहनों की आवाजाही के लिए गल्ला मंडी के दोनों तरफ के गेटों को खोला जाए। उपज से लदे वाहनों को हाइवे के गेट से प्रवेश की अनुमति दी जाए। - अंकित नायक
पूरी मंडी को एक साथ खोला जाए। मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए दुकानों पर अधिक भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी। - लक्ष्मीनारायण
गल्ला मंडी प्रशासन द्वारा बनाई गई सूची अनुचित है। कच्चे व पक्के व्यापारियों को एक साथ खोलने की अनुमति दी जाए। कच्चे आढ़तियों के दिन तय किए जाएं और थोक व्यापारियों को सभी दिन खोलने की अनुमति दी जाए।
- अरविंद सिंघई, व्यापारी नेता
गल्ला मंडी को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के अनुसार खोला जाए, जिससे किसानों को उपज बचनेे के लिए परेशान न होना पड़े और व्यापारी भी सुविधा से व्यापार कर सकें।
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- रत्नेश तिवारी, भाजपा नेता
गल्ला मंडी को नियमित रुप से खोला जाए, जिससे चंदेरा में हो रही मनमाने दामों की खरीद पर रोक लग सके। थोक व्यापारी, कमीशन एजेंट सभी को सुविधा मिल सके।
- चंद्रभान पटेल, भाकियू मंडी अध्यक्ष
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