ललितपुर। जिला उद्योग व्यापार मंडल की मुख्य पदाधिकारियों की मीटिंग में ऑनलाइन व्यापार की स्वीकृति प्रदान करने को गलत ठहराया गया। साथ ही व्यापारियों ने नाराजी व्यक्त की है।
जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश बड़ेरा ने कहा कि सरकार ने 20 अप्रैल से तीन कंपनियों को भारत में ऑनलाइन व्यापार करने की स्वीकृति प्रदान की है, जो उचित नहीं है। तीनों कंपनियों ने भारत सरकार को अभी तक कोई सहयोग नहीं दिया है। इस समय देश के लगभग 8 करोड़ व्यापारियों ने इस कोरोना महामारी संक्रमण के समय प्रधानमंत्री के आह्वान पर 22 मार्च को जनता कर्फ्यू, 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने के आदेश को मानते हुए भारत के संपूर्ण व्यापारियों ने तन, मन, धन से सहयोग किया। 15 अप्रैल से 3 मई के लिए लॉकडाउन के निर्णय पर व्यापारी समाज ने पूर्णता सहमत जताई। देश का 20 प्रतिशत व्यापारी उच्च स्तर का है और इतना ही व्यापारी छोटे स्तर का है। उसके लिए सरकार कई योजनाओं द्वारा लाभ देती है लेकिन जो 60 प्रतिशत मध्यम वर्ग के व्यापारी को अभी तक राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा कोई भी सहयोग नहीं किया है। जबकि, व्यापारी देश के लिए अरबों रुपये का टैक्स जमा करता है और हमेशा सरकार का सहयोग करता है।
प्रधानमंत्री ने तीन कंपनियों द्वारा ऑनलाइन ट्रेडिंग करने की स्वीकृति प्रदान कर साठ प्रतिशत मध्यम व्यापारियों के साथ कुठाराघात किया है। उन्होंने ऑनलाइन प्रक्रिया को बंद कराने की मांग की है।
बैठक में प्रदेश मंत्री मनीष सडै़या, वरिष्ठ महामंत्री प्रदीप सतरवांस, महामंत्री शैलेंद्र सिंघई, कोषाध्यक्ष सिद्धेश्वर जमोरया, संयुक्त महामंत्री अभिषेक अनोरा, नगर अध्यक्ष नवनीत किलेदार, नगर महामंत्री समित समैया, युवा जिला अध्यक्ष विशाल सराफ, युवा नगर अध्यक्ष संजय रिंकू आदि उपस्थित रहे।