लखनऊ से संचालित ऑनलाइन नेटवर्किंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते शुक्रवार को जनपद के विद्युत विभाग में कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। बिलिंग व अन्य बिजली कार्य नहीं होने से उपभोक्ताओं को लौटा दिया गया, जबकि अन्य जरूरी कार्य भी नहीं हो सके। नेटवर्किंग की यह समस्या विद्युत विभाग में तीन दिन के लिए बंद की गई है। इससे बिजली विभाग के शहरी क्षेत्र में करीब 10 लाख रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ है।
बिजली विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में नये कनेक्शन से लेकर विद्युत बिल बनाने, बिलों का भुगतान और सुधार, कनेक्शनों की फीस काटने संबंधी आदि कार्य ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किए जाते हैं। हालांकि यह ऑनलाइन सिस्टम फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं है। बिजली विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में विद्युत बिलों में गड़बड़ी रोकने, मीटर की सही रीडिंग से बिलिंग करने, बिजली बिलों में सुधार, मीटरों को कंप्यूटराईज्ड फीड करना आदि का कार्य ऑनलाइन माध्यम से पारदर्शिता के साथ करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन आए दिन की नेटवर्किंग समस्या के चलते उपभोक्ताओं को घंटों परेशान होना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों को भी पता नहीं होता कि नेटवकिंग कब आएगी। कभी नेट कनेक्टीविटी बहुत धीमी आती है, तो कभी कनेक्टीविटी घंटों बंद रहती है।
इससे विद्युत कार्य समय से पूरा नहीं हो पाते हैं और उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है। इससे भी बुरा हाल शुक्रवार को भी रहा, जबकि एक दिन पूर्व गुल हुई कनेक्टीवटी नहीं होने से उपभोक्ताओं को वापस लौट जाना पड़ा, जबकि बहुत से उपभोक्ता तो घंटों इंतजार में बैठे रहे, लेकिन बाद में विभागीय कर्मियों ने ही सच्चाई बताकर उपभोक्ताओं को लौटाया। बार-बार की नेटकनेक्टीविटी गुल होने की समस्या के समाधान और तकनीकी कर्मी दूर करने के लिए लखनऊ से कंपनी द्वारा नेट कनेक्टीविटी बंद कर दी गई, जिससे विद्युत विभाग में होने वाली ऑनलाइन बिलिंग प्रक्रिया, बिलों में सुधार कर बिलों का रिवीजन कार्य, नए कनेक्शन की प्रक्रिया के लिए ऑनरसीद प्रक्रिया, नए बिलिंग जेनरेट करना आदि ऑनलाइन होने वाले विद्युत कार्य प्रभावित रहे। यहां तक कि विद्युत कनेक्शनों पर मीटरों की फीडिंग का कार्य भी नहीं हो सका। विभागीय अधिकारियों के अनुसार तकनीकी खराबी के चलते उक्त नेटकनेक्टीविटी लखनऊ से ही कंपनी द्वारा बंद कर दी गई है। यह नेट कनेक्टीविटी तीन दिन के लिए बंद होना बताया गया है। नेट कनेक्टीविटी बंद होने से विद्युत विभाग को भी करीब दस लाख रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ है।