ललितपुर। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राज्यमंत्री आवास एवं शहरी नियोजन एवं जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने जिला योजना समिति की बैठक ली। विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत 29249 लाख रुपये की योजनाओं पर मुहर लगाई गई। पर्यटन विकास पर एक करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने प्रभारी मंत्री /अध्यक्ष जिला योजना समिति को समस्त विभागों के वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के खर्च एवं वर्ष 2020-21 के प्रस्तावित खर्च के बारे में बताया। कृषि विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (ऑयल सीड/टीबीओ) के तहत 51 लाख रुपये, पशुपालन विभाग के अंतर्गत 196.72 लाख रुपये, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व रोग निदान सेवाओं का सुधार एवं विस्तार हेतु 84.59 लाख रुपये, गाय एवं भैंसों में कृत्रिम गर्भाधान द्वारा पशु प्रजनन सुविधाओं के सुधार, विस्तार तथा वैफ के माध्यम से प्रजनन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 100.30 लाख रुपये, भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्रों की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए 08.50 लाख एवं सूकर प्रजनन प्रक्षेत्रों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 3.33 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए।
सहकारिता विभाग के अंतर्गत सहकारी समितियों द्वारा पूर्व में निर्मित जर्जर गोदामों की मरम्मत एवं नवनिर्माण हेतु 559.32 लाख, वन विभाग के अंतर्गत 486.35 लाख, जिसमें शहरी क्षेत्रों में सामाजिक वानिकी के लिए 7.47 लाख रुपये एवं सामाजिक वानिकी 478.88 रुपये प्रस्तावित है।
एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन हेतु 1895.00 लाख रुपये, रोजगार कार्यक्रम (मनरेगा) के अंतर्गत 12495.28 लाख, पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 828.74 लाख, जिसमें सीसी रोड एवं केसी ड्रेन निर्माण के लिए 378.74 रुपये, बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 450 लाख रुपये, सामुदायिक विकास (ग्रावि) विभाग के अंतर्गत विकासखंडों/जिला विकास कार्यालयों के भवनों के निर्माण एवं विद्युतीकरण पर 61.57 लाख, सड़क एवं पुल पर 1754.45 लाख, ग्रामीण मार्गों के पुननिर्माण के लिए 217.75 लाख तथा नवीन ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 1536.70 लाख, पर्यटन विकास के लिए 100 लाख, प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान के लिए 226.60 लाख, माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 1396 लाख, प्राविधिक शिक्षा के अंतर्गत 350 लाख, ग्रामीण स्वच्छता के अंतर्गत स्वच्छ शौचालयों के निर्माण हेतु 1365.60 लाख, ग्रामीण आवास के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 2226 लाख, नगर विकास (नगरीय पेयजल) विभाग के अंतर्गत 167.95 लाख, हैंडपंपों के अधिष्ठापन के लिए 82.80 लाख, रीबोरिंग के लिए 76.80 लाख, हैंडपंपों की बोर बाशिंग हेतु 8.37 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 390 लाख है, पूर्वदशम छात्रवृत्ति कक्षा 01 से 10 के लिए 120 लाख, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना, निर्माण, विस्तार एव रखरखाव के लिए 100 लाख, अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों की आर्थिक सहायता के लिए 90 लाख तथा निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान के लिए 80 लाख प्रस्तावित हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने कुल प्रस्तावित परिव्यय 29249 लाख रुपये (दो अरब 92 करोड़ 49 लाख रुपये) प्रस्तुत किया गया।
बैठक में श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, विधायक रामरतन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष जयश्री खटीक, जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी, नगर पंचायत अध्यक्ष महरौनी कृष्णा सिंह सहित जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल, पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बृजकिशोर, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।