- अस्तित्व में आया भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सोमवार से पुलिस विभाग में भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होने के पहले दिन जिले के थाना-कोतवाली के जीड़ी कार्यालय में बैठे मुंशी नई न्याय संहिता की किताब के पन्ने पलटते दिखे। थाना बालाबेहट पुलिस ने नई न्याय संहिता की धाराओं में पहला मुकदमा दर्ज किया।
अंग्रेजों के बनाए कानून और धाराएं अब पुलिस-थानों की जीडी से सोमवार से गायब हो गईं और भारतीय न्याय संहिता लागू हो गई। थानों में नई धाराओं के तहत काम शुरू हुआ। अब पुलिस, वादकारियों को इस विधि व्यवस्था के अनुसार ही काम करना होगा। नई संहिता में वर्तमान सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं और कुछ धाराओं में परिवर्तन किया गया है। इसके तहत सोमवार को थाना-कोतवाली में जीड़ी मुंशी, हेड मुहर्रर और दरोगा समेत थाना प्रभारी अपने साथ नई भारतीय न्याय संहिता की किताब रखकर ड्यूटी करते देखे गए। साथ में न्याय संहिता की धाराओं को यादकर अपने जेहन में उतारने के प्रयास में लगे रहे। पहले दिन थाना बालाबेहट में भारतीय न्याय संहिता के तहत एक मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें थाना बालाबेहट के ग्राम बरौथ्दया निवासी रामबाबू ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमें बताया कि सोमवार की सुबह उसके बाड़े में खड़े पेड़ को हनुमत, राजा, छोटू निवासी ग्राम बरौदिया काटने लगे। जब उसने आरोपियों को रोका तो उन्होंने गाली-गलौज की और लाठी से हमला किया। जिससे वह चोटिल हो गया। बड़े भाई विनोद ने बचाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों को मौके पर आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। थाना बालाबेहट पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ नई भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2), 352, 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पूर्व में दी जा चुकी है ट्रेनिंग
नई भारतीय न्याय संहिता के लागू होने से पूर्व में कई चरण में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को अलग-अलग बैच बनाकर ट्रेनिंग दी गई थी। इसके साथ जनपद स्तर पर भी ट्रेनिंग दी गई थी। इस कारण से पुलिस को ज्यादा परेशानी नहीं होने की बात पुलिस अधिकारी कह रहे हैं।
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नए कानून के संबंध में सभी तैयारियां पूरी हैं। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जिससे किसी को भी काम करने के दौरान कोई बाधा नहीं आएगी। पहले दिन बालाबेहट में नई भारतीय न्याय संहिता के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया है।
मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक