- जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सुनाया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसानों को मूंगफली की पुरानी व खराब थ्रेसर मशीन थमाने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक और मामले में कंपनी पर दस हजार रुपये का जुर्माना और कंपनी को किसान के लिए नया थ्रेसर देने के आदेश दिए हैं।
थाना जखौरा क्षेत्र के ग्राम जमौरामाफी निवासी सुदर्शन ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत देकर बताया कि उसने जयपुर राजस्थान से मूंगफली की थ्रेसिंग मशीन एक लाख 62 हजार एक रुपये में दो सितंबर 2020 को क्रय करने की बात हुई। जिस पर उसने पेशगी में 5001 रुपये दे दिया और तय हुआ था कि वे उसके लिए दो अक्तूबर 2020 को उक्त मूंगफली की थ्रेसिंग मशीन शेष राशि लेकर सौंप देंगे, लेकिन उक्त कंपनी के लोगों द्वारा उसे वह थ्रेसर उक्त तारीख को नहीं देकर 16 अक्तूबर 2020 को दी और उससे बाकी शेष धनराशि 1,57,000 के स्थान पर उससे 1,68,000 रुपये की मांग की गई, जो उसने बैंक के माध्यम से भुगतान किया। उसने कंपनी के बताए निर्देशानुसार मशीन को चलाया, तो मशीन के दोनों पंखे कार्य नहीं कर रहे थे। उसने जब कंपनी के लोगों से बात की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जबाव नहीं दिया और वह मूंगफली की थ्रेसिंग का काम नहीं कर सका। इससे उसे एक लाख रुपये की आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा। पीड़ित ने उसे नोटिस भी दिया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामले की सुनवाई की और आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा व सदस्य रफिया खातून ने निर्णय दिया कि कंपनी 45 दिन के अंदर परिवादी से पुरानी थ्रेसिंग मशीन वापस लेकर उसी गुणवत्ता की दोष रहित मूंगफली थ्रेसिंग मशीन परिवादी को उपलब्ध कराए। इसके अलावा कष्ट पीड़ा व परिवाद व्यय का दस हजार रुपये भी परिवादी को अदा करे।