ललितपुर। गर्मी बढ़ने के साथ ही लॉकडाउन में आम लोगों की मुसीबत भी बढ़ रही है। दुकानें बंद होने के कारण कूूलर-पंखों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब होने पर बाजारों में उपलब्ध भी नहीं हो पा रहा है।
जनपद में लॉकडाउन होने के कारण सब कुछ बंद चल रहा है। शुक्रवार को जनपद का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। ऐसे में दिनों दिन अब गर्मी का प्रकोप भी बढ़ेगा। लोगों को कूलर-पंखों की अधिक आवश्यकता महसूस होने लगी है, खासतौर से दोपहर में तपन अधिक रहती है। गर्मी से बचने के लिए लोग कहीं आ-जा नहीं सकते हैं और खराब पड़े कूलर, पंखों की मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में अधिकांश लोगों की समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते बहुत से लोग अब खुद ही कू लरों की मरम्मत करने में जुट गए हैं। लेकिन, मजबूरी है कि जो कूलर व पंखे सुधारना नहीं जानते हैं और यदि प्रयास करते है तो उन्हें लगता है कि कुछ गड़बड़ न हो जाए, ऐसे में वे गर्मी में रहने को मजबूर हैं।
लॉकडाउन खुलने का इंतजार
गर्मियों के दिन शुरु होने पर करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कूलर बनना शुरु हो जाते हैं, जबकि दुकानों पर कंपनी के अलावा लोकल कूलर की बिक्री भी मार्च के महीने से शुरु हो जाती है। लेकिन, इस बार मार्च में जब कूलर पंखों की बिक्री शुरु हुई तो कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लॉकडाउन होने से पूरा जनपद ही थम गया। बाजार बंद चल रहा है। ऐसे में न तो लोकल स्तर पर कूलर बन पा रहे हैं और न ही दुकानें खुल सकी हैं। ऐसे में अब लोगों को लॉकडाउन खुलने के लिए तीन मई का इंतजार है।
गर्मी बढ़ने से कूलर व पंखा तो बहुत जरुरी है। एक साल से बंद पड़ा कूलर खराब हो गया था, लेकिन अब बाजार बंद है और लॉकडाउन भी चल रहा है। कोई सुधारने को तैयार नहीं। बाजार में सामान भी नहीं मिल रहा, लेकिन कुछ लोगों ने मरम्मत करके खुद ही कूलर सुधार लिया।
- अजय पटेल
घर का पंखा व कूूलर ठीक करने के लिए मिस्त्री घर नहीं आ रहे हैं, जब बुलाते हैं, तो उनके पास समय नहीं होता और दुकानें बंद होने पर बाजार में कूलर ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में अब मिस्त्री से ही आस है, लेकिन फिर भी कूलर, पंखा की कुछ रिपेरिंग कर ली है। बाकी लॉकडाउन खुलने के बाद ही सही कराएंगे।
- सौरभ सिलौनिया
दिन में गर्मी अधिक बढ़ रही है, जिससे कूूलर व पंखा जरुरी हैं। थोड़ा बहुत इलैक्ट्रिक का काम जानते हैं, जिससे गर्मी बढ़ने पर खुद ही कूलर की रिपेरिंग कर रहे हैं। कूलर की खस भी खुद ही भरनी पड़ी है। लॉकडाउन खुलने पर इलैक्ट्रिक सामान सही करा लेंगे।
- जयहिंद यादव
गर्मी बढ़ने से कूलर व पंखा की जरुरत अधिक होती है। कूलर ठीक नहीं होने से परेशानी तो होती है, लेकिन मजबूरी है। कहीं न कहीं से कूलर ठीक करा तो लेंगे, लेकिन दुकानें बंद होने से सामान भी तो नहीं मिल रहा है। यदि कोई सुधारने वाला मिल भी जाए तो बिना सामान के सब बेकार है।
- सुनील खत्री