गर्मी में लोगों की प्यास बुझाने के लिए जल संस्थान के अफसर पानी की टंकियों व पाइप लाइन पर नजर रखे हुए हैं। आपूर्ति पहुंचने के संबंध में आपरेटरों से जानकारी ली जा रही है।
नगर को दो भागों अपर व लोवर जोन में बांटकर जलापूर्ति करने वाला जल संस्थान करीब 10 हजार उपभोक्ताओं तक सुबह पाइप लाइनों से पेयजल पहुंचाने का काम करता है। गोविंद सागर बांध से आने वाले कच्चे पानी को डोड़ाघाट में बने 21.20 एमएलडी, 7.5 एमएलडी, 10 एमएलडी, नझाई बाजार में बने 2 एमएलडी से लेड़ियापुरा में बनी दो, डोड़ाघाट, पटेलनगर, कसाई मंडी में बनी पानी की टंकियों को भरने का काम किया जाता है। पानी की टंकी कितनी भर चुकी है, इसकी जानकारी के लिए मोटर के पास ही इलेक्ट्रोड उपकरण लगे हुए हैं। इसकी सहायता से टंकी भरने की जानकारी हो जाती है। अफसरों की मानें तो करीब 15 घंटे सुचारु वोल्टेज में बिजली मिलने से टंकियां पूरी भर जाती हैं। गर्मी में पानी बर्बाद न हो इसके लिए मशीनों के पास तीन आपरेटर बैठे रहते हैं। साथ ही लाइनों तक पानी पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को भेजकर पता किया जाता है। पाइप लाइन के अभाव वाले इलाकों में टैंकर की सहायता से पानी पहुंचाने का काम किया जाता है। गर्मी को देखते हुए चार मोटरों रिजर्व में सुधार कर रखा गया है। कोई मोटर खराब होने की स्थिति में इनकी सहायता ली जाएगी। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर की फटकार के बाद मोटरों के पास पहुंच रही गंदगी को रोकने के लिए मोटर वाले भवन में शीशे लगवा दिए गए हैं।