कलेक्ट्रेट में अधिकारी को ज्ञापन देने जाते ब्राह्मण चेतना परिषद के पदाधिकारी
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ललितपुर। विकासखंड तालबेहट अंतर्गत कंपोजिट ऐवनी विद्यालय में लिखी गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अब भाजपा भी खुलकर सामने आ गई है। भाजपा के जिलाध्यक्ष ने डीएम को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, ब्राह्मण चेतना परिषद ने इसे ओछी हरकत बाजी करार देते हुए विद्यालय स्टाफ को जिले के बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।
भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी ने डीएम को दिए ज्ञापन में अवगत कराया कि विकासखंड तालबेहट अंतर्गत ग्राम ऐवनी के विद्यालय की दीवार पर अमर्यादित टिप्पणी लिखी गई है। इसका अवलोकन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी किया है। एक समाचार पत्र में बीएसए का चित्र भी उक्त अमर्यादित टिप्पणी को पढ़ते हुए दिखाया गया है। शिक्षा के मंदिर में अमर्यादित टिप्पणी का लेखन किया जाना अत्यंत खेदजनक है। उक्त लेखन से समाज में तनाव है। इस पर सर्व ब्राह्मण महामंडल जनकल्याण ट्रस्ट और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी घोर आपत्ति दर्ज कराई है। उधर, जिलाध्यक्ष का कहना है कि जिले में सामाजिक समरसता कायम रहे और किसी प्रकार तनाव उत्पन्न न हो। इसे ध्यान में रखकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है। उधर, ब्राह्मण चेतना परिषद के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया है। इसमें आरोप लगाते हुए कहा कि आपत्तिजनक टिप्पणी से ब्राह्मण समाज एवं पुजारियों की भावनाएं आहत हुई हैं। शिक्षकों को निलंबन काफी नहीं है, उन्हें जनपद के बाहर भेजा जाए। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन पर अध्यक्ष रामनरेश दुबे, हरीबाबू शर्मा, पुनीत देवलिया, अजय चौबे, अभिषेक तिवारी, कुलदीप पाठक, अरविंद पाठक, नरेंद्र तिवारी, प्रदीप रिछारिया आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामप्रवेश ने खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट ब्रजेश सिंह से स्कूल में आपत्तिजनक टिप्पणी लिखने के मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है। इसमें उन्होंने लौटती डाक से कार्यालय में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने लिखे पत्र में कहा है कि 17 जनवरी को स्मार्ट क्लास के उद्घाटन के समय विद्यालय के कक्षा-कक्षों का अवलोकन करते समय कक्षाकक्ष की दीवार पर स्लोगन पाया गया। उपरोक्त स्थिति अत्यंत खेदजनक है एवं आपके शिथिल पर्यवेक्षण का परिचायक है। क्यों न आपके विरुद्ध उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए?
मामला संज्ञान में आने पर त्वरित कार्रवाई अमल में लाई गई है। जहां शिक्षकों को निलंबित किया गया है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रामप्रवेश, बीएसए