समुदाय आधारित संपूर्ण स्वच्छता (कम्यूनिटी लेड टोटल सेनेटेशन) अभियान को लेकर शुक्रवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन कलक्ट्रेट सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम डॉ. रुपेश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत हम सभी को जनपद को खुले में शौचालय से मुक्त करना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पिछले पांच दिवस से लीड ट्रेनर के रूप में काम कर रहे लखनऊ से आए राकेश यादव ने ऑडियो-वीडियो के माध्यम से अधिकारियों को ठोस रणनीति और अच्छी सोच के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि भारत में 16 प्रतिशत से अधिक मौतें डायरिया से होती हैं। इसका मुख्य कारण जल प्रदूषण और गंदगी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने जल प्रदूषण से फैलने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ‘स्वच्छता एक संस्कार’ तथा ‘एक बेहतर दुनिया के लिए’ शीर्षक से लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया और यह बताया गया कि ऑडियो-वीडियो के प्रदर्शन के माध्यम से किस प्रकार लोगों को संवेदनशील करने की कार्रवाई की जा सकती है। 1 अप्रैल से चलने वाले सामुदाय आधारित स्वच्छता अभियान के तहत ग्रामीणों को इस बात के लिए प्रेरित किया जायेगा कि वह अपने गांव की स्वच्छता की स्थिति का विश्लेषण स्वयं करें। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सभी विभाग ठोस रणनीति के तहत व्यापक कार्ययोजना बनाकर कार्य करना प्रारंभ करें। अभियान में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करते हुए उनके माध्यम से भी विभिन्न स्तरों पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को जनपद के गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए ग्रामों का आवंटन किया जा रहा है तथा वह अपनी देखरेख में इस कार्य को संपन्न कराएं। बैठक के अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी श्री ब्रजेंद्र कुमार द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया गया। आज के प्रशिक्षण सत्र में 66 ट्रेनर्स को डीएम, सीडीओ और अन्य अधिकारियों द्वारा प्रमाणपत्र तथा स्मृति चिह्न भी वितरित किए। इस अवसर पर ज्वांइट मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी, परियोजना निदेशक सुरेश चंद्र मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी ललितपुर रमेश चंद्र, उप जिलाधिकारी पाली महेश प्रसाद दीक्षित, उप जिलाधिकारी पाली हरिश्चंद्र यादव, जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप, जिला पंचायत राज अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार सहित अन्य जनपद स्तरीय और तहसील एवं विकास खंड स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।