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बेशकीमती जमीनों पर हो रहे कब्जे, कार्रवाई से बच रहे जिम्मेदार

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तालबेहट। एक ओर जहां सरकार के निर्देश पर प्रशासन सरकारी जमीनों और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जोर शोर से अभियान चलाने का राग अलाप रहा है। वही आज भी पूरे क्षेत्र में जिम्मेदारों से सांठगांठ के चलते बेशकीमती जमीनों पर कब्जा हो रहा है। शिकायतों के बावजूद प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहा है। कुछ ऐसे मामलों में जिनमें कई शिकायती पत्र देने के बाद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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केस एक
जखौरा तालबेहट मार्ग पर ग्राम तरगुवां में एक भूमाफिया ने सड़क पर ही अवैध कब्जा कर दुकान निर्माण कर लिया। कई शिकायतों के बावजूद पीडब्ल्यूडी को अवैध कब्जा हटवाने के लिए लगभग 10 माह में पुलिस नहीं मिल सकी। मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद पीडब्ल्यूडी ने कुछ तेजी दिखाई लेकिन बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इससे अन्य लोगों ने ग्राम सभा की बेशकीमती पहाड़ी पर कब्जा करना शुरू कर दिया।
केस दो
ग्राम सभा उदगुवां में तो एक भूमाफिया ने ग्राम सभा की सड़क किनारे की बेशकीमती चारागाह की जमीन पर कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद राजस्व विभाग ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते उसने जमीन पर निजी बोरिंग करा कर प्रशासन को खुली चुनौती दे डाली। वहीं राजस्व कर्मचारी उच्चाधिकारियों से कार्रवाई करवाने की बात कर पूरे मामले को टालने के प्रयास में लगे हैं।
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केस तीन
ग्राम उगरपुर में तो एक किसान नेता ने ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों की कई शिकायतों के बाबजूद वह समीप लगी एक हरिजन की जमीन बैनामा कराने की बात कह कर राजस्व कर्मचारियों से सांठगांठ कर अपना बचाव करने की जुगत में है।
केस चार
कंधारी खुर्द में भूमाफिया ने सड़क के किनारे आंबेडकर पार्क के लिए आरक्षित भूमि पर ही कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद राजस्व कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम और तहसीलदार से उक्त मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई। जिस पर एसडीएम ने समाधान दिवस में मामले को निस्तारित करने के निर्देश दिए।
केस पांच
थाना पूराकलां अंतगर्त ग्राम गेवरा गुंदेरा निवासी सहरिया आदिवासी हन्नू, मनीराम, लल्लू, बच्चू आदि ने उपजिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि वह मजदूरी के सिलसिले में बाहर गए थे। लौट कर आए तो उनकी जमीन पर समीप के गांव के कुछ लोगों ने अपने रसूख के दम पर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर वह लोग उन्हें धमका रहे हैं।
इन गांवों में भू माफियाओं की नजर
भू माफियाओं की नजर सड़क के किनारे की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर है। इसके चलते तरगुवां, कड़ेसराकलां, चंद्रापुर, बिजरौठा, झावर, हिगौरा, विजयपुरा, चुरावनी, पूराकलां, सुनौरी, तेरई प्रमुख हैं।
वर्जन
क्षेत्र में सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। लोगों की शिकायतों पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीनों पर किसी भी दशा में कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। - अमित कुमार भारतीय उपजिलाधिकारी तालबेहट।
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