ललितपुर। बाईपास विद्युत सब स्टेशन पर स्थापित फीडरों की ओसीबी मशीनों के रोजाना खराब होने के चलते शहर के आधा दर्जन मुहल्लों व दर्जनों गांवों की बिजली घंटों गुल रही। फीडर नंबर दो की बिजली साढ़े सात घंटे बाद सुचारु हो सकी, कल्यानपुरा फीडर के 45 गांव की बिजली देर रात से साढ़े 11 घंटे व नदनवारा फीडर के 27 गांव में सुबह से गुल हुई बिजली देर शाम तक सुचारु नहीं हो सकी।
बाईपास स्थित 33 केवी सब स्टेशन में स्थापित विभिन्न फीडरों की दशा सुधारने की प्रक्रिया नई मशीनों के स्टीमेट तक ही सीमित रह गई है। एक माह से यहां हर दूसरे दिन कोई न कोई मशीनें खराब हो रही हैं। इसके चलते शहर के आधा दर्जन मुहल्लों व दर्जनों गांवों में बिजली व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। बृहस्पतिवार को खराब हुई मशीनों को जैसे तैसे जुगाड़ से किसी प्रकार शुक्रवार की शाम तक ठीक किया गया, लेकिन कुछ ही घंटे सुचारु रूप से बिजली दे सकीं मशीनों में फिर से खराबी आ गई। इसके चलते शुक्रवार की रात एक बजे कल्यानपुरा फीडर की ओसीबी मशीन में ब्लास्ट के साथ आंतरिक खराबी आ गई।
इसके अंतर्गत आने वाले ग्राम गोगला, हरपुरा, खोंखरा, पटराई, कचनौंदा, गुगरवारा, मिर्चवारा, कल्यानपुरा, टोरी, टपरियन समेत करीब 45 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जिसे विद्युत कर्मियों द्वारा अगले दिन शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे ठीक किया जा सका। वहीं शनिवार की सुबह आठ बजे शहरी फीडर नंबर दो और ग्रामीण क्षेत्र का नदनवारा फीडर की ओसीबी मशीनों में भी बारी-बारी से एक साथ ब्लास्ट हो गया। इससे शहर के मुहल्ला रामनगर, नदीपुरा,
खिरकापुरा, आजादचौक, चौबयाना, नारायणपुरा, पठापुरा, पुरानी बजरिया के अलावा ग्राम नदनवारा, अमरपुर, चक महावत, खजरा, टोड़ी, देवरान समेत लगभग 27 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत कर्मियों द्वारा शहरी फीडर की मशीन को दोपहर साढ़े तीन बजे तक सुधार तक आपूर्ति सुचारु कर दी गई, लेकिन नदनवारा फीडर को देर शाम तक सुधारने का काम जारी था।
काश बिजली गुल वाले गांव में होता कमिश्नर का निरीक्षण
ललितपुर। एक महीने से बिजली समस्या से परेेशान चल रहे सब स्टेशन पहुंच कुछ ग्रामीणों ने मंशा जाहिर करते हुए कहा कि काश कमिश्नर साहब उनके गांव में भी निरीक्षण कर लेते, तो हकीकत सामने आ जाती है। हालांकि विद्युत अभियंताओं ने कमिश्नर के दौरे वाले गांव में एक दिन पूर्व से ही बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखा, ताकि कमिश्नर की नाराजगी का सामना न करना पड़े।