ललितपुर। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में तेज बुखार, खांसी और बदन दर्द के मरीज पहुंच रहे हैं। कई मरीजों को पैरासिटामोल से भी बुखार नहीं उतर रहा है और उनकी प्लेटलेट्स की संख्या भी कम हो रही है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। इनमें 50 फीसदी से अधिक मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित हैं। लगभग 260 मरीज खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कुछ मरीजों को सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश और कमजोरी भी है। 50 से अधिक मरीज अस्थमा की समस्या के साथ आ रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि दवा के बाद भी कई मरीजों का बुखार नहीं जा रहा है। जांच में कुछ मरीजों की प्लेटलेट्स की संख्या में कमी देखी गई है। हालांकि, प्लेटलेट्स कम होने का कारण केवल वायरल संक्रमण नहीं हो सकता है, इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। बुखार के साथ प्लेटलेट्स गिरने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।
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चिकित्सकीय सलाह
मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य निखिल गुप्ता ने चिकित्सकीय सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वायरल संक्रमण में बुखार कई दिनों तक रह सकता है। यदि बुखार लगातार रहे, प्लेटलेट्स कम हों या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से मिलें। अत्यधिक कमजोरी, खून आना या ऑक्सीजन कम होने जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल परामर्श लें। बिना जांच और चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचें।
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बच्चों और बुजुर्गों के लिए सावधानी
मौसम परिवर्तन बच्चों और बुजुर्गों पर गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे में मरीजों से उचित दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। पर्याप्त आराम करें और अधिक मात्रा में पानी पिएं। खांसी-जुकाम होने पर मास्क का उपयोग अवश्य करें। लक्षण बढ़ने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार कराएं।