ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षक अब कक्षा में बच्चों को पढ़ाने की वीडियो रिकार्डिंग करेंगे। वीडियो के मूल्यांकन के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में भेजा जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर कक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ में उत्कृष्ठ श्रेणी के वीडियो का कार्यशालाओं में इस्तेमाल किया जाएगा।
जिले में 1354 परिषदीय और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने और प्रभावी शिक्षण कार्य के लिए शासन की ओर से तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में शासन ने शिक्षण कार्य को और अधिक बेहतर और प्रभावी बनाने के लिए अब वीडियो के जरिए शिक्षकों के मूल्यांकन की कवायद शुरू की है।
इसमें प्राथमिक, कंपोजिट और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कक्षावार, विषयवार और लर्निंग आउटकम आधारित वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। वीडियो की रिकार्डिंग पांच मिनट की होगी। उक्त वीडियो का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डॉयट) में मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें उनकी गुणवत्ता के आधार पर उत्कृष्ट, मध्यम और सामान्य श्रेणी में इनका विभाजन किया जाएगा। मध्यम और सामान्य श्रेणी में आने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उनके शिक्षण कार्य के तरीके को और बेहतर किया जाएगा। कमियां होने पर उसमें सुधार के लिए भी काम किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर कक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके साथ ही उत्कृष्ठ श्रेणी के वीडियो को कार्यशालाओं में इस्तेमाल किया जाएगा। बीएसए ने विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
वर्जन
शिक्षण कार्य को और अधिक बेहतर और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षण कार्य का वीडियो बनाया जाएगा। इसका मूल्यांकन किया जाएगा। अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं। - हरिकेश यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी