ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के निर्देश पर अब हर सप्ताह विभिन्न क्षमता के ट्रांसफार्मरों की मॉनीटरिंग कर तेल व टेंपरेचर की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि ट्रांसफार्मर को निर्धारित समय से पहले खराब होने से बचाया जा सके।
जनपद में स्थापित 66 केवी व 33 केवी के 12 विद्युत सब स्टेशनों पर पांच, आठ और 10 एमवीए के उच्च क्षमता के दर्जनों ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। सब स्टेशनों से 11 हजार केवी की विद्युत लाइन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिछाई गई है।
इसपर 10, 25, 63, 100, 250, 400 व 630 एमवीए क्षमता के 800 से भी अधिक ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनसे घरों को विद्युत आपूर्ति देकर रोशन किया जाता है।
ओवरलोड विद्युत फाल्ट होने, तेल की कमी या टेंपरेचर अधिक होने के कारण हर माह लो क्षमता के कई ट्रांसफार्मर खराब हो जाते हैं, जबकि कई बार आंतरिक तकनीकी फाल्ट के कारण हाई क्षमता के ट्रांसफार्मर भी खराब हो जाते हैं। इसकारण उपभोक्ताओं को बिजली के अभाव में परेशान होना पड़ता है।
वहीं, यदि सब स्टेशनों पर स्थापित उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर खराब हो जाए तो एक सप्ताह या फिर कई बार तो इससे भी अधिक समय तक उस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के अभाव में परेेेशान होना पड़ता है। विभाग को भी लापरवाही पर लाखों रुपए की क्षति उठानी पड़ती है। इसी कारण विभागीय अधिकारियों को सभी प्रकार के ट्रांसफार्मर की मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
सब स्टेशनों पर थापित उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों की जांच का जिम्मा उपखंड अधिकारियों और अवर अभियंताओं, जबकि 11 हजार केवी लाइन पर स्थापित ट्रांसफार्मरों की जांच अवर अभियंताओं को सौंपी गई है।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर हर सप्ताह सभी सब स्टेशनों और शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित लो व उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों की मॉनीटरिंग उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता द्वारा की जा जाएगी, ताकि ट्रांसफार्मरों को खराब होने से बचाया जा सके।
-अखिलेश कुमार वर्मा
उपखंड अधिकारी, विद्युत वितरण खंड ललितपुर।