फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोतल क्रसिंग मशीन से होगा पानी की बोतलों का निस्तारण

विज्ञापन
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर लगी क्रशिंग मशीन में प्लास्टिक की बोतल को डालते रेलवे अधिकारी - फोटो : LALITPUR
विज्ञापन
ललितपुर। रेलवे स्टेशनों को प्लास्टिक व पॉलिथीन मुक्त बनाकर प्रदूषण रोकने के उपाय के क्रम रेलवे ने अब स्टेशन पर बोतल क्रसिंग मशीन लगा दी है। ताकि, पानी की बोतल उपयोग होने के बाद उसे मशीन से नष्ट किया जा सके। दो अक्तूबर से रेलवे स्टेशन पर यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में यात्री बड़े पैमाने पर रेल नीर या फिर अन्य कंपनियों की पानी की बोतलें लेने के बाद पानी का उपयोग कर उन्हें स्टेशन परिसर, पटरियों या कचरेदान में फेक देते हैं। इन पानी की बोतलों को डिस्पोजल करने में काफी दिक्कत आती है। अब तक इन्हें जला दिया जाता था, जिससे प्रदूषण फैलता है। लेकिन, प्रधानमंत्री द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के आह्वान के बाद रेलवे ने स्टेशन पर बोतल क्रसिंग मशीन की व्यवस्था कर दी है।
इसके तहत रेलवे स्टेशन पर दो अक्तूबर को बोतल क्रसिंग मशीन को प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थापित कर दिया गया है। यह मशीन हर समय संचालित रहेगी। इसमें पानी के उपयोग के बाद बोतलों को एक-एक करके इसके होल में डालने से बोतल नष्ट हो जाएगी और इसका दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। इस मशीन में बोतल पहुंचते ही उसमें लगी क्रसिंग मशीन की मदद से प्लास्टिक नष्ट हो जाएगी।
विज्ञापन

रेल प्रशासन ने गांधी जयंती को रेलवे स्टेशन पर क्रसिंग मशीन शुरू कर दी और यहां पहुंचने वाले यात्रियों को बोतल को क्रसिंग मशीन में डालकर नष्ट करने के लिए प्रेरित किया। प्लास्टिक व पॉलीथिन के उपयोग से फैलने वाले प्रदूषण व उससे होने वाली हानियों के बारे में जानकारी दी। प्रतिबंधित प्लास्टिक व पॉलीथिन का उपयोग बंद करने के प्रति जागरुक किया। एक मशीन की लागत लगभग एक लाख तेरह हजार रुपये है। गांधी जयंती पर स्टेशन प्रबंधक जीडी वर्मा, रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी, उपस्टेशन अधीक्षक देवेंद्र चतुर्वेदी, वरिष्ठ लिपिक विजय तिवारी, लक्ष्मी नारायण तिवारी आदि ने यात्रियों को ढबेकार व खाली बोतलों को क्रसिंग मशीन में डालकर लोगों को जागरूक किया।
रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक व पॉलीथिन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए रेलवे ने ललितपुर, झांसी, ग्वालियर खजुराहो, बांदा आदि स्टेशनों पर बोतल क्रसिंग मशीनें जरूरत के हिसाब से स्थापित की हैं। ललितपुर में एक क्रसिंग मशीन लगाई गई है।
विज्ञापन

- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ रेलवे, झांसी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें