वाणिज्य कर विभाग ने फर्जी बहती (पारागमन प्राधिकार पत्र) के जरिए टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। इसके लिए मध्य प्रदेश से सटी सीमाओं पर बनी चेक पोस्ट पर दोनों प्रदेशों के वाणिज्य कर अधिकारी एक साथ बहती की जांच करेंगे। इससे टैक्स चोरों का पर्दाफाश हो जाएगा।
जनपद की सीमाएं मध्य प्रदेश के तीन जिलों टीकमगढ, अशोक नगर व सागर से जुड़ी है। यहां पर बड़ी मात्रा में माल का आवागमन होता है। टैक्स चोरी के लिए व्यापारी टीकमगढ़ से निकले माल की बिल्टी पर माल पहुंचने की जगह ग्वालियर लिखा लेते हैं, लेकिन यह माल जनपद में ही उतार दिया जाता है। इस तरह से वाणिज्यकर की जमकर चोरी की जाती है। इन्हीं चीजों को ध्यान में रखते हुए वाणिज्य कर विभाग ने निर्णय लिया है, कि दूसरे राज्यों से संपर्क कर उनसे सीमा पर माल की क्रॉस चेकिंग दोनों राज्यों के अधिकारी साथ में करेंगे। इससे माल भेजने व मंगाने वाली फर्म की सही जानकारी दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में साझा कर सकेंगे। इससे टैक्स चोरी के खेल पर रोक लग सकेगी।
गौरतलब है कि दूसरे राज्यों से माल लाने व ले जाने पर व्यापारियों को बहती भरनी पड़ती है। इसमें उल्लेख करना होता है, कि दूसरे राज्य से मंगाया या भेजा जा रहा माल कर योग्य है या नहीं। इसके साथ ही व्यापारियों को माल मंगाने वाली व भेजने वाली फर्म की जानकारी देनी होती है। वर्तमान व्यवस्था में व्यापारी अपने राज्य की सीमा में स्थित चौकी पर बहती भरता है। लेकिन फर्जी बहती (पारागमन प्राधिकार पत्र) भरकर टैक्स चोरी को अंजाम दिया जाता है। यह खेल पूरे प्रदेश में होता है।
जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
बहती की जांच करने के लिए दोनों राज्यों के ज्वाइंट वेंचर पर विचार किया गया है। आने वाले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद बहती की जांच सही तरीके से हो सकेगी।
- प्रवीण श्रोति, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर विभाग