सदर बाजार निवासी निकुंज राय के पास 27 जून को मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने पूछा कि आपके घर में बेटी हुई है। आपका पता और नाम यह है। सरकार की ओर से पैसा आ गया है। आप बस अपना पेटीएम अथवा गूगल पे ऑन कर लीजिए। इसके बाद जालसाज जैसे बोलता गया, निकुंज वैसा करते गए। कुछ देर में उनके खाते से 12 हजार रुपये निकाल लिए गए।
केस दो- सदर बाजार के ही रमेश अहिरवार का कहना है कि उनके पास 17 मई को फोन आया। उसने कहा कि आपके घर मेें पुत्री होने पर आपको सरकार की ओर से 9,884 रुपये मिलेंगे। आपका पैसा रुका हुआ था। अब खाते मेें पैसा आ जाएगा। उसके बाद जालसाज के कहे के मुताबिक वह आगे बढ़ते गए। कुछ देर बाद उनके खाते से 16 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने थाने पहुंचकर जालसाजी की शिकायत की।
केस तीन
प्रेमनगर के नगरा हाट निवासी वैदेही शुक्ला के मुताबिक उनके मोबाइल पर कुछ दिन पहले फोन आया था। उसने घर में बेटी पैदा होने की बात कहते हुए खाते में पैसा आने की बात कही। जालसाल ने वैदेही से गूगल पे अकांउट का बैलेंस चेक करने को कहा। जालसाज की बात पर वैदही को विश्वास हो गया। उसकी बातों में आकर वह अपने खाते से 19 हजार रुपये गवां बैठीं।
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यह महज चंद नमूने हैं। आजकल साइबर ठग इन तरीकों का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार की नई-नई योजनाओं के सहारे जालसाज लोगों को आसानी से ठगी का शिकार बना रहे। योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर जालसाज चंद मिनट में खाते खंगाल डालते हैं। घर मेंं बेटा अथवा बेटी पैदा होने पर खाते में पैसा भेजने की योजना का लालच देकर जालसाज आम लोगों को खूब निशाना बना रहे हैं। इनमें शहरी समेत ग्रामीण इलाकों के लोग काफी अधिक हैं। जालसाजों ने अब नई तकनीक अपनाई है। इसकी बदौलत बिना लिंक क्लिक किए जालसाज खाते तक पहुंच बना लेते हैं। पिछले कुछ माह से झांसी में इस तरह के कई मामले सामने आने लगे हैं। पुलिस के आंकड़ों की मानें तब पिछले तीन माह के दौरान कुल 37 मामले सामने आ चुके। इन लोगों ने जननी सुरक्षा योजना के नाम पर खाते में पैसे भेजने के एवज में लोगों से ठगी की। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक साइबर ठगी से बचने को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई जाती है। अनजान लोगों से फोन पर वित्तीय लेनदेन करने से बचना चाहिए। पुलिस के पास जिनकी शिकायत आती है, उस पर कार्रवाई की जाती है।