नगर पालिका परिषद ने खुले में शौच को समाप्त करने के मकसद से पीपीपी मॉडल आधारित सार्वजनिक प्रसाधन केंद्र का निर्माण कराने का निर्णय लिया है। विभागीय अफसरों का कहना है कि स्थानीय नागरिकों को जिम्मेदारी देने से इनको साफ-सुथरा रखने में आसानी हो जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामाजिक बुराई खुले में शौच को दिसंबर माह तक समाप्त किया जाना है। इसे ध्यान में रखकर निजी एवं सामुदायिक प्रसाधन केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में नगर के विभिन्न मुहल्लों में चार नवीन सामुदायिक प्रसाधन केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें पूर्व विधायक रामकुमार तिवारी के आवास के पास, वार्ड नंबर तीन मुहल्ला झांसीपुरा, वार्ड नंबर चार व छह में सामुदायिक प्रसाधन केंद्रों का निर्माण किया जाना हैं। पूर्व विधायक रामकुमार तिवारी के आवास के पास शौचालय बनकर लगभग तैयार है। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में आठ सार्वजनिक प्रसाधन केंद्र पहले के बने हुए हैं। इसके अलावा मौजूदा वित्तीय वर्ष में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के शौचालयों का निर्माण होना है। इस योजनांतर्गत इनका निर्माण पूर्ण होने पर उसकी देखरेख का जिम्मा स्थानीय लोगों की कमेटी को दिया जाएगा। इससे शौचालयों की टूट-फूट से लेकर साफ-सफाई बिना किसी देर के कराई जा सकेगी।
सीमा विस्तार से अड़चनें हुई दूर
पीपीपी मॉडल में तीन सौ सीट से शौचालयों का निर्माण किया जाना है। पहले स्थल अनुपलब्धता की समस्या थी लेकिन सीमा विस्तार होने से शौचालय निर्माण की अड़चनें दूर हो गई हैं।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।