तीन दिन पूर्व शहर में अवैध रूप से संचालित खनिज टालों पर पकड़े भंडार को सीज करने के बाद खनिज विभाग बड़ी कार्रवाई का मन बना चुका है। विभाग ने सभी टालों के काश्तकारों व भूस्वामियों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं। 15 दिन में नोटिस का जवाब नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
शहर में दर्जनों स्थानों पर अवैध रूप से उपखनिज का भंडारण कर इमारती पत्थर, बालू, गिट्टी व बोल्डर का धंधा खुले आम संचालित किया जा रहा है। अवैध भंडारण की सूचना पर 12 अप्रैल को खनिज विभाग ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ छापामार कार्रवाई की थी, जिसके तहत बिना प्रपत्रों के खनिज भंडारण को सीज किया गया था। इस दौरान टीम ने कुल 90 घनमीटर इमारती पत्थर, 1,110 घनमीटर बालू, 1,974 घनमीटर बोल्डर सीज कर दिया था। डीएम के निर्देश पर तीन दिन पूर्व बुधवार को छापामार कार्रवाई के दौरान एसडीएम व खनिज अधिकारी की टीम द्वारा चार टालों को सीज किया गया था। इन टाल संचालकों के पास उपखनिज भंडारण संबंधी प्रपत्र नहीं मिले थे। इसके तहत महिला थाने के सामने नहर के किनारे उत्तम चंद जैन की टाल पर बिना प्रपत्र के इमारती पत्थर, बयाने नाले के पास सुरेंद्र राठौर की बिल्डिंग मैटेरियल की टाल से गिट्टी, बालू व बोल्डर जब्त किया था। वहीं नवीन गल्ला मंडी के पास रिलाइंस पेट्रोल पंप के पास चारदीवारी के भीतर गणेश कुशवाहा के प्लाट से गिट्टी, बालू व बालू से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त कर सीज कर दी गई थी। गल्ला मंडी के पीछे नेशनल हाइवे के किनारे जीवन की टाल से भी अवैध रूप से रखा इमारती पत्थर जब्त किया था। संचालक उस दौरान कोई भी प्रपत्र नहीं दिखा सके थे। उस समय विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उक्त उपखनिज भंडारण जब्त कर प्रपत्र जमा करने की चेतावनी जारी की थी। इसके बाद भी अब तक कोई भी प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। अब खनिज विभाग द्वारा उक्त टालों के अलावा इस प्रकार से संचालित अवैध उपखनिज भंडारण के संबंध में उक्त काश्तकारों व भूस्वामियों की जमीन को चिह्नित कर प्रपत्र प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। खनिज विभाग द्वारा ऐसे सभी टाल संचालकों से 15 दिनों में प्रपत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। यदि 15 दिनों में नोटिस का जवाब नहीं दिया जाता है, तो विभाग द्वारा उक्त टाल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
शहर में अवैध रूप से संचालित उपखनिज टालों के काश्तकारों व भूस्वामियों की जमीन को चिह्नित कर जब्त किए गए खनिज के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं और अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद भी अभिलेख नहीं दिए जाते हैं, तो विभाग द्वारा एफआईआर कराई जाएगी।
अरविंद जैन, खनिज अधिकारी।