सोमवार को शहर का बाजार लगभग बंद ही रहा। बैंकों व डाकघरों में भी अवकाश था, जिस कारण लोग न तो रुपए एक्सचेंज कर सके और न ही नई करेंसी पा सके। शहर के लगभग किसी भी एटीएम में कैश नहीं था, जिस कारण लोग अपने खातों में जमा रुपयों को भी नहीं निकाल सके। इस कारण लोगों को परेशानी हुई।
बाजार पर भी इसका असर दिखाई दिया। सुबह के समय तो बाजार काफी हद तक खुला था, लेकिन दोपहर का समय चढ़ते ही सन्नाटा फैल गया। व्यापारी अपनी दुकानों की शटर गिराकर घर चले गए। बाजार बंदी का कारण यह रहा कि लोगों के पास खर्च करने के लिए पर्याप्त कैश नहीं है और वर्तमान में व्यापारी भी इस स्थिति में नहीं हैं कि वह अपनी दुकानों में नया माल मंगा सकें। बड़े व थोक व्यापारियों और एजेंसी धारकों के पास माल की कमी होने के कारण बाजार में कुछ चीजों की तो कालाबजारी तक होने लगी है। बाजार में गुटका, सिगरेट, पान मसालों की कालाबाजारी शुरु हो गई है। बहुत जल्द ही अन्य चीजों के दाम भी स्थानीय स्तर पर बढ़ सकते हैँ।
पासबुक व आईडी लेकर आएं लोग
एलडीएम एके मित्तल ने लोगों से अपील की है कि वह बैंक से रुपए निकालने व जमा करने के लिए अपने साथ पासबुक व आईडी को साथ लेकर आएं जिससे उन्हें व बैंक कर्मियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।