संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला अस्पताल में बंद पड़ी कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट अब चालू हो जाएगी। इसके लिए केंद्र से एनओसी मिल गई है। मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त के अलग-अलग तत्व रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट मिल सकेंगे।
जिला अस्पताल स्थित रक्तकोष में शासन ने मरीजों की सुविधा देने के लिए कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सौगात दी थी। यूनिट स्थापित होने के बाद कुछ दिन चली, लेकिन एनओसी के अभाव में बंद कर दी गई थी। इससे डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, लीवर व बर्न के मरीजों को प्लाज्मा और एनीमिया व थैलीसीमिया के मरीजों को आरबीसी, हीमोफीलिया के मरीजों को क्रायोप्रेसीपिटेट नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में इन मरीजों को रेफर किया जाता था। कई बार समय पर न मिलने से मरीजों की हालत बिगड़ जाती थी। लेकिन, अब मरीजों को रक्त के आवश्यक तत्वों के लिए बाहर नहीं जाना होगा। एक यूनिट रक्त से चार मरीजों को लाभ मिल सकेगा।
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खून में शामिल तत्वों को अलग करेगी मशीन
ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं, इसमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल होते हैं। यूनिट के संचालित होने पर मरीजों को एक यूनिट रक्त चढ़ाने की जगह आवश्यक तत्व ही दिए जाएंगे। इससे एक यूनिट से चार अलग-अलग मरीजों की जरूरत पूरी होगी।
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट चालू करने के लिए केंद्र से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है। इसे जल्द ही चालू किया जाएगा। डेंगू व अन्य समस्याओं से संबंधित मरीजों को रक्त के तत्वों की कमी के चलते बाहर नहीं जाना होगा।
- डॉ. द्विजेंद्र नाथ, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय