अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बेतवा नदी का जलस्तर कम होने से इंटेक वेल सूख गया। इससे 22 गांवों में पानी नहीं पहुंच पाने से 29918 लोगों के सामने पानी संकट खड़ा हो गया है। अब कंपनी व विभाग ने इंटेक वेल में पानी पहुंचाने के लिए नाली खोदने का काम शुरू किया है। जनपद में हर घर जल नल योजना के तहत 15 पाइप पेयजल योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं का कार्य करने के लिए शासन ने विभिन्न निर्माण एजेंसियों को चुना था। यह निर्माण एजेंसियां वर्ष 2020 से परियोजनाओं पर काम कर रही है। हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए 12 बांधों और तीन परियोजनाओं के लिए बेतवा नदी के पास इंटेक वेल बनाए गए।
बेतवा नदी पर ही कड़ेसरा-मऊ पाइप पेयजल परियोजना बनाई गई। इसके लिए बेतवा नदी पर एक इंटेक वेल का निर्माण कराया गया। जोकि बेतवा नदी के अंदर बीचोंबीच पानी में बनाया जाना था। इस इंटेक वेल से ग्राम कड़ेसरा में बनाए गए 11 एमएलडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी पहुंचाया जाना था। हाल ही में बेतवा नदी का जलस्तर कम हो गया। इंटेक वेल के आसपास की जमीन निकल आई और पानी काफी दूर हो गया। इससे इंटेक वेल में पानी न पहुंच पाने के चलते गांवों में पानी की सप्लाई बंद हो गई। निर्माण के दौरान बरती खामी निकलकर सामने आ जाने के बाद अब विभाग व निर्माण एजेंसी ने इंटेक वेल तक एक गहरी नाली की खोदाई करने की कवायद शुरू कर दी है। इस नाली के माध्यम से बेतवा नदी का पानी इंटेक वेल में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद इंटेक वेल से पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाकर इसे गांव के लोगों के घरों में नलों के माध्यम से पहुंचाया जाएगा।
फैक्ट फाइल
- 11 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
- 10 ओवर हैड टैंक
- 5 सीडल्यूआर
- 202.14 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन
- 22 ग्रामों में पानी की सप्लाई
- 10156 नल संयोजन
- 29918 लोगों तक पहुंचेगा पानी
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इन गांवों में पेयजल सप्लाई हुई प्रभावित
प्रभावित होने वाले गांवों में ग्राम टेकरी, म्यांव, मुकटोरा, बेदोरा सरस्वती, गनेशपुरा, करीला, पठोरिया, रेकना, मटया, टपरियन, पटारन, भदौना, मऊ, रजावन, गूगर, ग्राम पंचायत खांदी, कड़ेसराकला आदि हैं।
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कड़ेसरा-मऊ पाइप पेयजल योजना का अधूरा काम छोड़कर भाग गई थी निर्माण एजेंसी
नमामि गंगे के तहत 15 पाइप पेयजल परियोजनाओं में चार परियोजनाओं कचनौंदा कलां, धौर्रा-बालाबेहट, जाखलौन-बिरधा और कड़ेसरा-मऊ पाइप पेयजल योजना के निर्माण कार्य के लिए गायत्री कंस्ट्रक्शन कंपनी को नामित किया गया था। कंपनी ने चारों परियोजनाओं का काम शुरू किया। लेकिन वर्ष 2023 में यह कंपनी परियोजनाओं का कार्य अधूरा छोड़कर भाग गई थी। शासन ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद शासन ने दूसरी कंपनी सुधाकरन कंपनी को गायत्री कंस्ट्रक्शन के स्थान पर चयनित किया था।
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नोट, एडीएम नामि गंगे का वर्जन बाद में भेजा जाएगा।