ललितपुर। कोरोना काल में लोगों को उपचार के लाले पड़ रहे हैं, तो वहीं जिला अस्पताल स्थित इकलौते जन औषधि केंद्र पर आपूर्ति के अभाव में जेनरिक दवाओं की कमी से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही है। एक माह में आपूर्ति न होने पर रहीं बची दवाइयां भी खत्म हो जाएंगी और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बंद हो जाएंगे।
प्रधानमंत्री की योजनाएं भी कोरोना काल में दम तोड़ती नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों को अंग्रेजी दवाओं के महंगे दामों से राहत देने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि योजना लागू की है। जन औषधि केंद्र पर 50-90 प्रतिशत के अंतर्गत सस्ते दामों में जेनरिक दवाएं मिल रहीं है। जन औषधि केंद्र पर केंद्र सरकार द्वारा 750 प्रकार की दवाईयां व 150 प्रकार के सर्जीकल उत्पाद उपलब्ध कराए हैं।
जनपद में इकलौता प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जिला अस्पताल परिसर में स्थित है। यहां पर अधिकांश लोग दवाइयां खरीदते हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण काल में प्रधानमंत्री की योजना जन औषधि का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। यहां पर बीते लगभग दो माह से दवाइयों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। दो माह से केंद्र पर केवल 270 प्रकार की दवाइयों व सर्जीकल ही शेष रह गए हैं। इनमें 220 प्रकार की दवाएं व 30 प्रकार के सर्जीकल उत्पाद हैं। वर्तमान में केवल तीस फीसदी दवाइयों के सहारे जन औषधि केंद्र चल रहा है। ऐसे में कई मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे मजबूरी में महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
आपूर्ति न होने पर एक माह में हो जाएगा बंद
जन औषधि केंद्र संचालक दीपचंद्र ने बताया कि दवाओं की डिमांड दो माह पूर्व लगा दी थी, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी है। अब अधिकतम एक माह तक दवाइयों की बिक्री हो जाएगी। इसके बाद आपूर्ति न होने पर बंद करने की नौबत आ जाएगी।
परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र पर दवाइयों की कमी होने की जानकारी हुई है, जिस पर केंद्र संचालक को दवाइयां मंगवाए जाने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
- डा. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुुरुष