फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिस्चार्ज जैसी गंभीर लापरवाही पर चेतावनी देकर कर ली इतिश्री

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती महिला मरीज का कोरोना सैंपल लेेने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। जबकि, दो दिन बाद महिला में कोरोना पॉजीटिव पाया गया। गंभीर लापरवाही होने के बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन ने चेतावनी देकर इतिश्री कर ली है।
विज्ञापन

मोहल्ला नेहरू नगर में एक महिला को बुखार व सांस लेने में परेशानी होने पर जिला अस्पताल में 25 मई को इलाज कराने आई। जहां पर इलाज कर कोरोना के लक्षण पाए जाने पर 26 मई को जांच के लिए सैंपल लिया गया। सैंपल के दौरान महिला का उपचार चल रहा था। लेकिन, कोरोना जांच रिपोर्ट आने से पहले ही 27 मई को उसे डिस्चार्ज कर दिया। 29 मई को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर स्वास्थ्य महकमा के हाथ-पैर फूल गए। आननफानन में महिला को एंबुलेंस से लाकर भर्ती किया गया। जहां से झांसी रेफर कर दिया।
संदिग्ध मरीज को जांच से पहले डिस्चार्ज करने की लापरवाही पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था। इस पर सीएमएस से संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा। इस पर संबंधित चिकित्सक डॉ. आरपी सिंह व अन्य स्टाफ ने बताया कि मरीज के साथ आए तीमारदार ने बताया था कि गर्मी लग रही है। मरीज स्वस्थ्य है, उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि तीमारदार के कहने पर चिकित्सक व स्टाफ ने मरीज को स्वस्थ मानकर कैसे डिस्चार्ज कर दिया। कोरोना जांच रिपोर्ट की जानकारी विभाग से पहले तीमारदार के पास पहुंची? स्पष्टीकरण के जवाब में बताया गया कि रिपोर्ट निगेटिव है। इसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से नहीं की गई है। विभागीय उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई के एवज में चेतावनी देकर इतिश्री कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

चिकित्सक व स्टाफ द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के बाद संबंधित सीएमएस समेत सभी को चेतावनी दी गई है। आगे इस तरह की लापरवाही होने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें