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शताब्दी एक्सप्रेस पर कोरोना का साया, नहीं आ- जा रहे यात्री

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ललितपुर। कोरोना का डर इतना हाबी हो गया है कि लोग यात्रा करने से कतराने लगे हैं। दो दिन से लगातार शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन से न तो नई दिल्ली से एक भी यात्री आया और न ही ललितपुर से नई दिल्ली कोई गया। यही हाल ललितपुर से भोपाल और भोपाल से ललितपुर के लिए भी रहा। जबकि भोपाल से नई दिल्ली के लिए विभिन्न स्टेशनों से कुल महज 45 लोगों ने ही यात्रा की। टिकट बुकिंग की स्थिति भी एक तिहाई हो गई है। बुुकिंग के सापेक्ष वापसी अधिक हो रही है।
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कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या और मौतों के कारण अत्यावश्यक होने पर ही लोग यात्रा कर रहे हैं। वर्तमान में स्थिति यह हो गई है कि शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन में भी यात्रा करने से लोग कतरा रहे हैं। प्रतिदिन 75 से 80 लोग ही यात्रा कर रहे हैं जबकि पहले यह संख्या पौने तीन सौ के आसपास थी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इसकी वजह मध्य प्रदेश, महाराष्ट, नई दिल्ली में संक्रमितों का लगातार बढ़ना माना जा रहा है।
ललितपुर से गुजरने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में पिछले दो दिनों से नई दिल्ली से न तो एक भी पैसेंजर आया और न ही कोई नई दिल्ली गया। इसी प्रकार भोपाल आने- जाने वाले यात्रियों की संख्या भी शून्य रही। शुक्रवार को भोपाल और ललितपुर के बीच कोई यात्री नहीं आया। हबीबगंज से नई दिल्ली के लिए 45 लोगों ने यात्रा की। अधिकांश ने टिकट बुक तो किया था लेकिन कोरोना की वजह से यात्रा स्थगित कर दी। कमोवेश यही स्थिति अन्य ट्रेनों की है। नई दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों में सामान्य दिनों की अपेक्षा एक तिहाई लोग यात्रा कर रहे हैं।
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सामान्य दिनों में एक शिफ्ट में 135 से 140 टिकटों की बिक्री होती थी, अब वर्तमान समय में करीब 80 तक पहुंच गई है। रिफंड लेने वाले यात्रियों की संख्या टिकट लेने वालों के सापेक्ष अधिक है। बिक्री जहां औसत रूप से तकरीबन 15 हजार रुपये के आसपास होती है, वहीं रिफंड 18 से 20 हजार रुपये तक हो रहा है।
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- आरके झा
मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, ललितपुर
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