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सरकारी आंकड़ों में नहीं काटते मच्छर

Wed, 10 Aug 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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hospital, lalitpur news - फोटो : demo
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ललितपुर। मलेरिया विभाग के अनुसार जनपद में मच्छरों का आतंक कम है, जुलाई में पूरे जनपद में 8,284 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें से केवल 23 मरीज ही मलेरिया के निकले। हैरान करने वाली बात है, कि वहीं निजी पैथोलॉजी में रोजाना एक दर्जन से ज्यादा लोगों में मलेरिया होने की रिपोर्ट आ रही है। विभाग के आंकड़ों में जुलाई माह में नगर क्षेत्र में केवल दो लोगों को ही मलेरिया हुआ था।
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बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे मलेरिया के रोगियों में भी बढ़ोत्तरी होती है। मच्छरों की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग, नगर पालिका की ओर से कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, निजी पैथोलॉजी व निजी चिकित्सकों द्वारा मलेरिया की रिपोर्ट के नाम पर उगाही की जा रही है।

चिकित्सकों के अनुसार कई पैथोलॉजी व चिकित्सकों की आपसी सांठगांठ के चलते कई मलेरिया पॉजिटिव की फर्जी रिपोर्ट तैयार कर दी जाती है, मरीज से मलेरिया की दवा के पैसे लिए जाते हैं और उन्हें एंटी बायोटिक दवा पकड़ा दी जाती है। 
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क्या कहता है सरकारी रिकार्ड
सरकारी आंकड़ों में जिले में मच्छरों का आंतक कम है। ललितपुर नगर में जुलाई में 1372 सैंपलों में से केवल 2, जखौरा ब्लॉक में 1180 में से 3, मड़ावरा ब्लॉक में 872 में से 3, महरौनी ब्लॉक में 1232 में से 4, बार ब्लॉक में 733 में से 3, तालबेहट ब्लॉक में 1441 में से 5, जखौरा में से 1374 में से 3 मरीज ही पॉजिटिव मरीज निकले। कुल 8284 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें से 27 मरीज पॉजिटिव मलेरिया के निकले।

निजी पैथोलॉजी पर नहीं कोई अंकुश
वर्ष 2013 में तत्कालीन सीएमओ डॉ. आरसी निरंजन ने मलेरिया विभाग के साथ मिलकर निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर छापामारी अभियान चलाया था। इस दौरान पैथोलॉजी संचालकों को निर्देशित किया गया था, कि वो सभी पॉजिटिव मलेरिया मरीजों की जांच मलेरिया विभाग को सौपेंगे। स्वास्थ्य विभाग के इस निर्देश पर कुछ दिन तो अमल किया गया, लेकिन बाद में सभी पुराने ढर्रे पर आ गए। वर्तमान में निजी पैथोलॉजी संचालकों द्वारा मलेरिया विभाग से कोई जानकारी साझा नहीं की जा रही है।

स्टाफ की कमी से जूझ रहा मलेरिया विभाग
मलेरिया विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, जिस कारण से मच्छरों व मलेरिया पर अंकुश लगाने में विभाग को मशक्कत करनी पड़ती है। मलेरिया विभाग में 72 स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 19 कार्यकर्त्ता ही कार्यरत हैं। वहीं, लैब टेक्नीशियन के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन एक भी टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं है। प्रयोगशाला सहायक के 22 पद स्वीकृत हैं, जिनमें सात लोग संविदा पर काम कर रहे हैं। इन्हीं संविदा कर्मियों से लैब टेक्नीशियन का काम भी लिया जा रहा है। 

मलेरिया विभाग में स्टाफ की बेहद कमी है। निजी पैथोलॉजी संचालकों द्वारा कोई भी जानकारी साझा नहीं की जा रही है। अधिकारियों के निर्देश मिलने पर पैथोलॉजी सेंटरों पर कार्रवाई की जाएगी। निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर कार्ड से मलेरिया की होने वाली जांच स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप नहीं मानी जाती है।    
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- केएस सिंह यादव, जिला मलेरिया अधिकारी
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