तालबेहट। कोरोना वायरस ने दुकानदार, नौकरीपेशा, मजदूरों के साथ-साथ किसान भी परेशान हैं। फसल पकने के बाद खेतों में खड़ी है, लेकिन फसल काटने के लिए मुंह मांगी कीमत पर मजदूर नहीं मिल रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण सीमाएं सील हैं, इस कारण पंजाब सहित अन्य स्थानों से कटाई के समय आने वाले हार्वेस्टर नहीं आए। ऐसे में किसानों को स्वयं कटाई का काम करना पड़ रहा है।
देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। सरकार से सभी को अपने-अपने घरों में रहने के निर्देश दिए हैं। किसानों को खेतों में खड़ी फसल काटने की मजबूरी के कारण घर से अपने खेतों पर जाना पड़ रहा है। कटाई के लिए इस बार मजदूरों की मारा मारी कुछ अधिक देखने को मिल रही है। इसका प्रमुख कारण लॉकडाउन के कारण जो मजदूर काम कर रहे हैं वह किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मुंह मांगी कीमत पर मजदूर कटाई के लिए नहीं मिल रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि अभी उनकी फसलें खेतों में खड़ी हैं, जब तक फसल कटकर घर पर सुरक्षित नहीं आ जाती, तब तक उन्हें बेचैनी रहेगी।